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सीतापुर जेल में ही रहेंगे आजम खां और बेटे अबदुल्ला, अदालत ने खारिज की याचिका

Wed, 04 Mar 2020 06:02 PM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर
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Azam Khan - फोटो : अमर उजाला
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सपा सांसद आजम खां, पत्नी तंजीन फातमा और बेटे अबदुल्ला आजम को सीतापुर जेल भेजे जाने के खिलाफ दायर की गई याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि अगर प्रशासन चाहे तो तंजीन फातमा को रामपुर की जेल में रख सकता है। 

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मालूम हो कि 26 फरवरी को अदालत में आत्मसमर्पण करने के बाद तीनों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया था। जेल प्रशासन ने तीनों को 27 फरवरी की सुबह सीतापुर की जेल भेज दिया था। जिस पर आजम खां के वकीलों ने कोर्ट में आपत्ति लगाई थी। 

बुधवार को सुनवाई के बाद एडीजे 6 धीरेंद्र कुमार की कोर्ट ने आजम खां के वकीलों की याचिका खारिज कर दी। इसके बाद यह साफ है कि फिलहाल आजम और उनके बेटे को सीतापुर जेल में ही रखा जाएगा।
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वकीलों का कहना था कि आजम खां को कोर्ट की अनुमति के बिना सीतापुर की जेल में भेजा जाना गलत है। ऐसा करना न्यायालय की अवमानना है। वहीं दूसरी ओर शासकीय अधिवक्ता अजय तिवारी का कहना है कि इसे लेकर 2018 में जारी शासनादेश में साफ-साफ कहा गया है कि किसी विचाराधीन बंदी को एक जेल से दूसरी जेल में भेजे जाने के लिए कोर्ट की अनुमति आवश्यक नहीं है।

इस आपत्ति पर 29 फरवरी को भी एडीजे-6 की कोर्ट में बहस हो चुकी है। उस समय सहायक शासकीय अधिवक्ता राम अवतार सैनी ने कहा था कि आजम खां के वकीलों ने इस मामले में दो दिन का वक्त मांगा था।

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सात मार्च को भी होनी है सुनवाई

शत्रु संपत्ति कब्जाने के आरोप में दर्ज मुकदमे में पुलिस ने सांसद आजम खां, विधायक तजीन फात्मा और अब्दुल्ला आजम की रिमांड मांगी है। इसके लिए अजीमनगर थाने की पुलिस ने एडीजे-6 की कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई सात मार्च को होगी। 

शत्रु संपत्ति कब्जाने के आरोप में अजीमनगर थाने में सांसद आजम खां, विधायक तजीन फात्मा और अब्दुल्ला आजम के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। पुलिस इस मुकदमे की विवेचना कर रही है। मुकदमे के विवेचक ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर कहा कि इस मुकदमे में वक्फ के दस्तावेजों में हेरफेर की गई है, जिसकी तस्दीक जरूर है। इसके लिए आवश्यक है कि आरोपियों को रिमांड पर लेकर उनसे पूछताछ की जाए। 
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