मुरादाबाद। नगर निगम ने शहर के 25 बड़े बकायेदारों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें डिफाल्टर घोषित कर दिया है। निगम ने टैक्स के इन सभी बकायेदारों के नाम भी सार्वजनिक कर दिए हैं। इन नामों को प्रमुख चौराहों पर लगी डिजिटल स्क्रीन पर प्रदर्शित किया गया है। जारी की गई सूची के मुताबिक इन टॉप-25 बकायेदारों पर निगम का 20 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया है, जिसे वे सालों से जमा नहीं कर रहे थे।
नगर निगम प्रशासन का कहना है कि बार-बार नोटिस भेजे जाने और चेतावनी देने के बावजूद इन बकायेदारों ने अपना टैक्स नहीं जमा किया। निगम ने कई बार इन्हें रियायत देने की कोशिश की और टैक्स पर छूट की स्कीम भी जारी की, लेकिन इन बकायेदारों पर इसका कोई भी असर नहीं हुआ। बकायेदारों की ओर से लगातार हो रही अनदेखी के चलते अब निगम काे यह सख्त कदम उठाना पड़ा। अधिकारियों के अनुसार इससे अन्य बकायेदारों को भी चेतावनी मिलेगी कि अगर वे समय पर टैक्स नहीं चुकाते हैं, तो उन्हें भी इसी तरह सार्वजनिक रूप से डिफॉल्टर घोषित किया जा सकता है।
निगम की ओर से जारी की गई सूची के मुताबिक गृहकर और जलकर के सबसे बड़े बकायेदार पर निगम का 7.49 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया है। ये संपत्ति मिडटाउन होटल (बैंक्वेट हॉल) की है, जो कि रजनी जैन के नाम पर दर्ज है। इसी तरह मानसरोवर पैराडाइज क्लब जोकि ऋषि छावड़ा के नाम पर दर्ज है, उन पर निगम का 1.49 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया है। इसी क्रम में कुलवंत सिंह, हरभजन सिंह, काजी नुसरत हुसैन, गुरूदीप सिंह, अहमद लतीफ, मुनीर बारी, मुस्लिम डिग्री कॉलेज, अजयवीर सिंह, मैसर्स तलवर एंड खुलर, अफीफुल रहमान, रिजवान इलाही, पार्श्वनाथ डवलपर्स, रेहान, नीरज ग्रोबर, सुनील कुमार, मैसर्स जकारिया शहीद, राजन अग्रवाल, शरद कुमार गुप्ता, संयोग अरोरा, असद और विनस इंडिया की संपत्ति पर करोड़ों रुपये का बिल बकाया होने के चलते इन्हें डिफाल्टर घोषित किया गया है। निगम के अधिकारियों के अनुसार इन बकायेदारों ने जल्द ही बकाया राशि जमा नहीं की तो उनकी संपत्तियों पर कुर्की की कार्रवाई की जा सकती है।
बकायेदारों के लिए टैक्स पर छूट की स्कीम लाई गई थी। 31 जनवरी तक टैक्स पर लोगों को 15 प्रतिशत की छूट का मौका दिया गया था। बार-बार नोटिस भेजे जाने के बाद भी इन बकायेदारों ने टैक्स की राशि नहीं जमा की। अभी 25 लोगों के नाम सार्वजनिक किए गए हैं। जल्द ही टॉप-100 बकायेदारों के नाम सार्वजनिक किए जाएंगे। - दिव्यांशु पटेल, नगर आयुक्त