एमआईटी और आईएफटीएम में क्वारंटीन 14 जमातियों के कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने से दूसरे जमातियों के पॉजिटिव आने का खतरा भी कई गुना बढ़ गया है। अधिकतर जमाती क्वारंटीन हॉल में साथ नमाज पढ़ने के साथ खाना खाते थे। वॉशरूम इस्तेमाल करते थे। जिन जमातियों की पूर्व में निगेटिव रिपोर्ट आ चुकी है या फिर अन्य जमाती साथ रहे हैं उनके पॉजिटिव होने की आशंका से प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ी है।
दिल्ली निजामुद्दीन मरकज की घटना के बाद मुरादाबाद पुलिस और प्रशासन ने निजामुद्दीन से लौटे जमातियों और उनके संपर्क में आए लोगों की धरपकड़ कर एमआईटी और आईएफटीमए में क्वारंटीन किया है। आईएफटीएम में 60 और एमआईटी में 100 जमाती और उनके संपर्क में आए लोग रखे गए हैं। सभी जमातियों के सैंपल लिए जा रहे हैं। एमआईटी से करीब 68 लोगों के सैंपल हो चुके हैं। आईएफटीएम से भी सभी जमातियों के सैंपल लिए जा रहे हैं। रविवार को एमआईटी के एक जमाती की कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद सोमवार को दोनों ही संस्थानों के 14 जमातियों की पॉजिटिव रिपोर्ट आई है।
डब्ल्यूएचओ के प्रोटोकॉल के अनुसार दो जमातियों के बीच आठ फीट की दूरी पर बेड लगाए गए हैं। लेकिन जमाती एक साथ नमाज पढ़ते हैं। साथ ही खाना खाते और बैठक बातचीत करते हैं। जमातियों के शौचालय भी अलग-अलग नहीं है। कई जमाती एक ही शौचालय का और बाथरूम इस्तेमाल करते हैं। जमाती 14 दिनों के लिए क्वारंटीन किए हैं।
निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद भी जमातियों को अलग से क्वारांटीन में रखा गया है। सोमवार को पाजिटिव रिपोर्ट आने से स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ी है। इससे निगेटिव आ चुके जमातियों के अलावा अन्य जमातियों के पॉजिटिव होने की आशंका बढ़ गई है। ऐसे में विभाग जमातियों की क्वारंटीन अवधि 14 दिन से बढ़ाकर 28 दिन करने पर विचार कर रहा है।