मुरादाबाद। कोरोना संक्रमित और उनके परिवार वालों के साथ बुरे बर्ताव की शिकायतें तो मिल रही थीं। मंगलवार को तो हद ही हो गई। लालबाग शमशान घाट में कोरोना मरीज के अंतिम संस्कार को रुकवा दिया गया। जिसकी वजह से तीन घंटे तक शव एंबुलेंस में रही रखा रहा। इस दौरान पीपीई किट पहने मरीज के बेटे और भाई की हालत बिगड़ने लगी। सूचना मिलने पर मुगलपुरा और नागफनी थाने से पुलिस पहुंची। इसके बाद लोगों को समझाकर शांत किया। शमशान के एक हिस्से में दाह संस्कार किया गया।
नागफनी क्षेत्र निवासी 45 वर्षीय व्यक्ति की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उसे टीएमयू कोविड 19 अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बुधवार सुबह सवा दो बजे कोरोना संक्रमित मरीज की मौत हो गई थी। बुधवार दोपहर जिला प्रशासन के आदेश पर मरीज के शव को एंबुलेंस के जरिये लालबाग शमशान घाट भिजवा दिया गया था। मरीज के भाई और बेटे को पीपीई किट पहनाई गई थी। शमशान घाट में एंबुलेंस पहुंची तो लोग इकट्ठा हो गए। उन्होंने यहां अंतिम संस्कार करने से रोक दिया। करीब तीन घंटे तक शव एंबुलेंस में ही रखा रहा। इस दौरान पीपीई किट पहने मरीज के भाई और बेटे की हालत बिगड़ने लगी। सूचना मिलने पर नागफनी और मुगलपुरा की पुलिस भी आ गई। इसके बाद लोगों को समझाया गया। कोतवाली सीओ राजेश कुमार ने बताया कि लैपर्ड कुछ पीछे रह गई थी। वहां के लोगों को लगा कि परिवार के लोग खुद ले आई हैं। इनके साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं है। बाद में उन्हें समझाकर शांत करा दिया गया था। शव का अंतिम संस्कार करा दिया गया है।