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हफ्ता-दस दिन नहीं 48 घंटे में दम तोड़ रहे संक्रमित

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मुरादाबाद। कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या के साथ मृत्युदर भी बढ़ने लगी है। गंभीर संक्रमित मरीज अब 48 से 36 घंटे के भीतर ही जिंदगी की जंग हार रहे हैं। मौसमी बदलाव भी इसका बड़ा कारण बन रहा है। बुखार और डायरिया से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता गिर रही है। इससे लोग आसानी से कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। कोविड अस्पतालों में रिकवरी के लिए जिंदगी से जूझते हुए दम तोड़ रहे हैं।
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छह दिनों में नौ संक्रमित मरीजों की मौत होने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है। बारिश के साथ खतरा भी बढ़ रहा है। ऐसे में बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को सेहत के प्रति अधिक सतर्कता बरतने की जरूरत है। बुखार, डायरिया के बाद अब पीलिया, डेंगू और मलेरिया, चिकनगुनिया का सीजन है। इनकी चपेट में आने से रोग प्रतिरोधक क्षमता गिरेगी और कोरोना संक्रमण की संभावना कई गुना बढ़ जाएगी।
जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डा. राजेंद्र कुमार बताते हैं, मौसमी बदलाव के साथ लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। बुखार, डायरिया शुरू हो गया है। बारिश के साथ मलेरिया और डेंगू के केस भी आने शुरू हो जाएंगे। बुखार और डायरिया की शिकायत वाले कई मरीज कोरोना पॉजिटिव आ चुके हैं। डा. राजेंद्र बताते हैं कि सामान्य वायरल और संक्रामक बीमारी से रोग प्रतिरोधक क्षमता गिर जाती है। कोरोना की चपेट में आने से रिकवरी में अधिक समय लगता है। उम्रदराज, डायबिटीज, किडनी और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोग कोरोना से नहीं लड़ पाते हैं और मौत हो रही है।
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वरिष्ठ चिकित्सक डा. प्रवीण शाह बताते हैं, कोरोना फेफड़ों पर हमला कर रहा है। निमोनिया होने से आक्सीजन का स्तर गिर रहा है। डा. शाह बताते हैं कि सामान्य तौर पर 90 से नीचे आक्सीजन स्तर आने से इंसान हांफता है और पस्त पड़ जाता है। लेकिन, कोरोना में 92 से नीचे आक्सीजन स्तर पहुंचने पर भी मरीज ठीक महसूस नहीं कर पा रहे हैं। बिना लक्षण वाले मरीजों की पल्स ऑक्सीमीटर से जांच जरूरी है। सीएमओ डा. एमसी गर्ग बताते हैं, मृत्युदर बढ़ना चिंताजनक है। आने वाले दिनों में खतरा और अधिक बढ़ेगा। इसके लिए लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग के पालन के साथ संक्रामक बीमारियों से बचाना होगा। डेंगू और मलेरिया में प्लेटलेट्स गिरने से इम्युनिटी पर असर पड़ेगा। संक्रमण की रफ्तार बढ़ेगी और रिकवरी में अधिक समय लगेगा। गंभीर मरीजों की मृत्युदर भी बढ़ेगी।
छह दिन में नौ कोरोना संक्रमित मरीज की मौत
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- 30 जून : कटघर निवासी 70 वर्षीय पुजारी, 38 वर्षीय लाजपत नगर और 60 वर्षीय मझोला निवासी महिला की मौत, बुखार, सांस फूलने और डायरिया की शिकायत पर भर्ती हुए थे।
- 29 जून : अमरोहा तकिया मोतीशाह निवासी 55 साल की महिला की मौत। महिला को बुखार की शिकायत पर 26 जून को भर्ती कराया गया था।
- 27 जून : भोजपुर पीपलसाना निवासी 50 वर्षीय कैंटर चालक की मौत। चालक को 23 जून को बुखार की शिकायत पर भर्ती कराया था।
- 27 जून : संभल बनियाठेर निवासी 70 साल के बुजुर्ग की टीएमयू में मौत। बुजुर्ग को 25 जून को सांस लेने में परेशानी और बुखार की शिकायत पर भर्ती किया था।
- 26 जून : गलशहीद क्षेत्र निवासी 31 साल की महिला पत्रकार की मौत। 24 जून को सांस लेने में परेशानी होने पर उसे भर्ती किया था। 40 दिन पहले ही उसके छोटे भाई की निमोनिया से मौत हुई थी।
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- 25 जून : बिजनौर निवासी 53 साल के व्यक्ति की निजी अस्पताल में मौत। सांस फूलने और बुखार की शिकायत पर उसे भर्ती किया था।
- 22 जून : बिजनौर पठानवाली निवासी 65 वर्षीय कपड़ा व्यापारी की मौत। 21 जून को बिजनौर से रेफर होकर टीएमयू आया था।
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अप्रैल माह में हफ्ते भर से अधिक समय तक मौत से जंग लड़कर जान गंवाने वाले
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20 अप्रैल : गोविंद नगर की सेवानिवृत्त 63 साल की एएनएम नौ अप्रैल को भर्ती हुई। 11 दिन तक जिंदा रहने की जद्दोजहद की।
20 अप्रैल : ताजपुर के 50 साल के चिकित्सक डा. निजामुद्दीन नौ दिन तक वेंटीलेंटर पर रहे थे। 230 घंटों तक उन्होंने मौत से जंग लड़ी।
30 अप्रैल : नौगांवा सादात की 70 साल की महिला ने 20 दिन तक जंग लड़ी और आखिरकार हार गई थी।
सेहत के प्रति इन बातों का रखें ध्यान
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- बारिश में भीगने से खुद को बचाएं
- बासी खाना कतई नहीं खाएं
- घर के आसपास और छत पर गमलों और बर्तनों में बारिश का पानी न भरने दें
- फ्रिज का पानी पीने से परहेज करें और पानी उबाल कर पीयें
- बाजारों में भीड़भाड़ और दावतों में जाने से परहेज करें
- क्षयरोग पीड़ित, गर्भवती महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और अस्थमा के मरीज अधिक एहतियात बरतें
- सुपाच्य भोजन करें और सलाद का अधिक प्रयोग करें
- डिहाइड्रेशन से बचने के लिए नींबू पानी, ग्लूकोज और सीजनल फलों का जूस पीयें
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