नागफनी थानाक्षेत्र के नवाबपुरा में स्वास्थ्य विभाग व पुलिस टीम पर पथराव के लिए लोगों को उकसाने का आरोपी हिस्ट्रीशीटर अकबर अली कब्रिस्तान में छिपा था। पुलिस ने घेराबंदी की तो वह दीवार कूदकर अपने जानकार सलीम के घर में घुस गया।
आरोप है कि पुलिस यहां पहुंची तो सलीम ने उसे भगाने में मदद की। अकबर तो भाग गया पर पुलिस ने उसे पनाह देने के आरोप में सलीम को गिरफ्तार कर लिया है।
नागफनी पुलिस ने जांच पड़ताल और फुटेज व लोगों के बयानों के बाद शनिवार रात हिस्ट्रीशीटर अकबर अली का नाम सामने आ गया था। आरोप है कि उसी ने नवाबपुरा में लोगों को पथराव के लिए उकसाया था। इसके अलावा इंशा अल्लाह और ढिल्लन के परिवारों के नाम पहले ही उजागर हो चुके थे। पुलिस की टीमें लगी हुई हैं जो अलग-अलग इलाकों में लगातार दबिश दे रहीं हैं।
रविवार की सुबह पुलिस को सूचना मिली कि हिस्ट्रीशीटर अकबर अली हाजी नेब की मस्जिद के पीछे कब्रिस्तान में छिपा हुआ है। तत्काल पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की लेकिन उसने पुलिस को चकमा दे दिया। पुलिस के मुताबिक वह वहां से निकलकर निकट के ही मोहल्ले के रहने वाले सलीम के मकान में घुस गया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया।
पुलिस काफी देर तक सलीम का दरवाजा खुलवाने का प्रयास करती रही लेकिन काफी देर बाद दरवाजा खोला गया। पुलिस के मुताबिक जानबूझकर दरवाजा नहीं खोला। इस दौरान अकबर छतों से होता हुआ रामगंगा नदी की ओर फरार हो गया। थाना नागफनी इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने बताया कि अकबर को शरण देने के आरोप में सलीम को गिरफ्तार कर लिया है।
अकबर अली, ढिल्लन उसके तीनों बेटे और इंशा अल्लाह व उसके परिवार के लोगों की तलाश की जा रही है। सीओ कोतवाली राजेश कुमार ने बताया कि फुटेज से जरिये एक अन्य आरोपी निवासी निसार पुत्र कमाल निवासी घोसी की पुलिया नवाबपुरा को गिरफ्तार किया है।