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एक दिन पहले ही रची गई थी हमले की साजिश

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मुरादाबाद। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस टीम पर हमले की साजिश एक दिन पहले ही बना ली गई थी। कुछ स्थानीय लोगों और पुलिस सूत्र बताते हैं कि इसी साजिश के तहत घरों की छतों पर ईंट-पत्थर पहले से जमा कर लिए गए थे। तेज तर्रार महिलाओं को आगे करना भी इसी साजिश का हिस्सा था जिससे पुलिस चकरा जाए। साजिशकर्ताओं ने सोचा था कि इस तरह हमले पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम घबरा जाएगी और उसके पांव उखड़ जाएंगे। इसके बाद उसे बैकफुट पर जाना पड़ेगा। सीओ कोतवाली राजेश कुमार ने बताया कि पूछताछ में कुछ लोगों के उकसाने की बात सामने आए है। उनकी तलाश की जा रही है।
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कोरोना संक्त्रस्मण फैलाने में मुख्य केंद्र बने निजामुद्दीन और जमात के लोगों को शहर शहर तलाशा जा रहा है। मुरादाबाद में भी ये लोग कई दिन तक छिपे रहे। सूत्रों का दावा है कि अब भी कई लोग छिपे हैं। पुलिस हिरासत में ली गई महिलाओं और लोगों ने पूछताछ में कबूला है कि कुछ लोगों ने ही उन्हें उकसाया कि एक बार पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की टीम पर हमला हो जाएगा तो यहां आने की कोई कोशिश नहीं करेगा। पहले मंगलवार को ही टीम पर हमले की साजिश थी, लेकिन कोरोना से मृत शख्स के शव को सुपुर्द ए खाक किया जाना था। जिसकी वजह से टीम क्वारंटीन करने के लिए मंगलवार को नहीं पहुंच पाई थी। अगर टीम इस क्षेत्र में टीम मंगलवार को भी जाती तो भी टीम पर हमला किया जाना था। बुधवार दोपहर टीम पहुंची तो आरोपियों ने हमला कर दिया। इस घटना में पुलिस के साथ थी खुफिया विभाग का नेटवर्क भी फेल नजर आया है।
रामगंगा की ओर भागे हमलावर
मुरादाबाद। नवाबपुरा स्थित हाजी नेक वाली मस्जिद के पास स्वास्थ्य विभाग और पुलिस टीम पर हमला करने वाले आरोपी रामगंगा नदी को पार कर जंगल की ओर फरार हो गए। पुलिस टीमें उनकी तलाश में रामगंगा पार भी तलाश में जुटी हैं।
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नवाबपुरा में रैपिड एक्शन फोर्स तैनात, अफसरों ने डाला डेरा
मुरादाबाद। नागफनी के नवाबपुरा में हुई स्वास्थ्य विभाग व पुलिस टीम पर हमले की घटना की गूंज लखनऊ तक पहुंच गई। मुख्य मंत्री और डीजीपी ने अफसरों ने पूरे घटनाक्त्रस्म की जानकारी देने के साथ आरोपियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। नागफनी, कोतवाली, मुगलपुरा, गलशहीद, सिविल लाइंस पुलिस के साथ ही देहात के थानों की फोर्स भी यहां बुला ली गई। पूरे इलाकों के सील करने के साथ ही आरएएफ को तैनात कर दिया गया है। इसके अलावा डीएम राकेश कुमार सिंह और एसएसपी अमित पाठक समेत अन्य अधिकारी भी नागफनी थाने में डेरा डाले हुए। पल पल की जानकारी ली जा रही है।
नवाबपुरा में अक्सर होते रहे हैं सरकारी टीमों पर हमले
मुरादाबाद। शहर के सबसे संवेदनशील शील इलाकों में शुमार नवाबपुरा में अक्सर पुलिस, बिजली, नगर निगम की टीमों पर हमले पहले भी हो चुके हैं। घनी आबादी और छोटे छोटे रास्ते व सड़कें होने की वजह से पुलिस टीम भी हमलावरों के इरादे नहीं भांप पाती हैं। नागफनी में 27 सितंबर 2018 को बिजली विभाग की टीम बिजली चोरों के खिलाफ अभियान चलाने गई थी। यहां भीड़ ने टीम को घेर लिया था और कर्मचारी व अधिकारियों के साथ मारपीट की गई थी। दो साल पहले हिस्ट्रीशीटर की तलाश में जुटे एसआई और सिपाही को लोगों ने बंधक बना लिया था। सूचना मिलने पर कई थानों की फोर्स पहुंची। इसके बाद टीम को बंधक मुक्त किया जा सका था। इसके अलावा पोलिया दवा पिलाने गई टीम को भी इस क्षेत्र में बंधक बनाया हा चुका है। पुलिस की ओर से इनके खिलाफ कार्रवाई भी की गई थी।
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