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दोगुना राशन तो छोड़िये, यहां तो हिस्से का भी नहीं दे रहे कोटेदार

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मुरादाबाद। लॉकडाउन में गरीबों को मुफ्त व दूना खाद्यान उपलब्ध कराने का दावा कोटेदारों की मनमानी के चलते खरा नहीं उतर पा रहा है। अधिकांश स्थानों पर कोटेदार निर्धारित से भी कम राशन दे रहे हैं। इस्लामनगर करूला में तो स्थिति और भी खराब नजर आई। उपभोक्ताओं ने बताया कि कोटेदार ने उन्हें आज तक चावल बांटा ही नहीं। सोशल डिस्टेंस का भी पालन कहीं भी होता नहीं दिखाई दिया। अधिकांश दुकानों पर बिना हाथ धुलवाए व सैनिटाइज कराए कोटेदार उपभोक्ताओं का बायोमेट्रिक मशीन में अंगूठा लगवा राशन वितरण करते दिखाई दिए। अमर उजाला टीम ने पड़ताल की तो सारी खामियां सामने आ गईं।
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समय - 11 बजकर 30 मिनट
सहकारी क्रय विक्रय समिति कुंदनपुर बुद्धि विहार सेक्टर छह स्थित राशन की दुकान पर खाद्यान्न वितरण का कार्य तो होता मिला लेकिन दोनों ही स्थानों पर प्रति यूनिट आधा किलो अनाज कम दिया जा रहा था। सैनिटाइजर के लिए दोनों ही स्थानों पर साबुन और पानी तो रखा मिला, लेकिन उपभोक्ताओं से बिना हाथ धुलवाए बायोमेट्रिक मशीन में कोटेदार अंगूठा लगवाते दिखाई दिए। पूछने पर वितरक ने बताया कि उपभोक्ता कहने के बाद भी हाथ नहीं धो रहे हैं। बुद्धि बिहार सेक्टर चार और मझोला की राशन की दुकानों पर कोटेदार उपभोक्ताओं का हाथ सैनिटाइज कराने के बाद ही राशन देते मिले। लेकिन इन सभी कोटेदारों के यहां सोशल डिस्टेंस का पालन किया जाता नहीं मिला।
समय- 12 बजकर बीस मिनट दोपहर
इस्लाम नगर करूला स्थित सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के बाहर करीब डेढ़ सौ मीटर लंबी लाइन लगाए सैकड़ों की संख्या में पुरुष व महिलाएं खड़ी दुकान खुलने का इंतजार कर रहीं थीं। बंद दुकान के शटर के सामने भी सैकड़ों की संख्या में लोग भीड़ के रूप खड़े दुकान खुलने की बाट जोह रहे थे। कोटेदार के रवैये को लेकर उपभोक्ताओं का गुस्सा भी साफ दिखाई दिया। लाइन में खड़ी महिलाएं व पुरुष सभी का कहना था कोटेदार सुनता ही नहीं है। राशन देने के नाम पर कई-कई बार चक्कर लगवाने के बाद भी नहीं देता है। उपभोक्ताओं का कहना था लॉक डाउन में सख्त आदेश के बाद भी कोटेदार की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ा है। एक अप्रैल को भी उसने कुछ ही देर दुकान खोली। गुरुवार को भी सुबह आधे घंटे दुकान खोल सिर्फ रस्म अदायगी की।
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उपभोक्ताओं का झलका दर्द, बोले-पूरा राशन नहीं मिलता
अच्छे हालात में तो कोटेदार ने कभी समय से राशन की दुकान नहीं खोली। इस बुरे हालात में भी उसका वही रवैया है। शिकायत करने पर राशनकार्ड निरस्त करने की धमकी देता है। सुबह से लाइन में लगे हैं। पिछले महीने पांच फेरे लगाने पर राशन मिला। बुधवार को भी राशन लेने आए थे। कुछ चहेतों को देने के बाद दुकान बंद कर चला गया। राशन न मिलने से घर में खाने की तंगी है।
शकील अहमद, इस्लामनगर
कोटेदार कभी पूरा राशन नहीं देता। चावल तो कभी नहीं दिया। उसके राशनकार्ड में आठ यूनिट है। मात्र 21 किलो राशन देता है। मांगने पर कहता है कि खत्म हो गया। राशन देने में हनक भी ऐसी दिखाता है जैसे खैरात दे रहा हो।
सलीमा, इस्लाम नगर
मेरे राशनकार्ड में सात यूनिट है। 21 किलो गेहूं व 14 किलो चावल मिलना चाहिए। लेकिन सिर्फ गेहूं देता है। चावल का वितरण कोटेदार ने आज तक किसी को किया ही नहीं। 15 रुपये की नमक की थैली जबरिया देता है।
शहनाज, इस्लाम नगर
मेरे चार यूनिट है। 20 किलो राशन मिलना चाहिए, लेकिन कोटेदार ने 12 किलो गेहूं व छह किलो राशन दिया। हर बार कोटेदार कम करके राशन देता है।
विनोद, बुद्धि विहार, सेक्टर छह
सोशल डिस्टेंस दरकिनार, थैले को लाइन में रख किया इंतजार
राशन की अधिकांश दुकानों पर सोशल डिस्टेंस के आदेश का पालन नहीं हुआ। कुछ स्थानों पर उपभोक्ता बेतरतीब लाइन में लगे थे, तो कुछ स्थानों पर उपभोक्ता अपने थैले लाइन में लगा छाये में एक पास बैठ बतियाते हुए अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई दिए। यह स्थिति सहकारी क्रय विक्रय समिति कुंदनपुर, मझोला व बुद्धि विहार सेक्टर छह में देखने को मिला।
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