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बच्चे कर रहे सवाल, पापा कब घर आओगे

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मुरादाबाद। पापा आप तो कह रहे थे घर आ रहे हैं। अभी तक आए नहीं। कब घर आओगे। हिंदू मॉडल इंटर कॉलेज में मंगलवार को क्वारंटीन किए गए लुधियाना से लौट रहे सुल्तानपुर निवासी दिहाड़ी मजदूर घनश्याम ने सुबह जब अपने घर फोन किया तो उसकी छह साल की पुत्री खुशबू ने कुछ ऐसा ही सवाल किया।
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इस कॉलेज में घनश्याम अकेले ही क्वारंटीन नहीं किए गए हैं बल्कि उनके जैसे सुल्तानपुर व महराजगंज निवासी 17 लोगों को लॉक डाउन के बाद लुधियाना से घर लौटते समय पीलीकोठी चौराहा पर पुलिस ने रोक कर इस कॉलेज में बनाए गए शेल्टर होम में रखा है। घनश्याम ने बताया कि जहां उसे रखा गया है वहां रहने, खाने की व्यवस्था को लेकर कोई शिकायत नहीं है। लेकिन अगर उसे अपने गांव तक जाने दिया जाता तो बेहतर होता। कई साथी गांव पहुंच गए। हालांकि उन्हें भी गांव में बनाए गए शेल्टरहोम में रखा गया है, लेकिन घर वालों को इत्मिनान है। बताया पत्नी का बात करते हुए गला रुंध गया।
महाराजगंज के विनय भी इसी शेल्टरहोम में रखे गए हैं। बोले-दो दिन दो रात साइकिल चलाते हुए थक कर चूर हो गए थे, इसलिए रात नींद तो आ गई लेकिन सुबह आंख खुलते ही परिवार की चिंता सताने लगी। मोबाइल में कई मिस काल पत्नी की पड़ी थी। बात की तो रो पड़ी। खाना, पानी के बारे में पूछा। सब कुछ ठीक बताने पर भी उसे यकीन नहीं आया तो वीडियोकॉल करनी पड़ी। बच्चे पूछ रहे थे पापा कब आओगे। पत्नी को तो बता दिया कि 14 अप्रैल को आएंगे, लेकिन बच्चों से सिर्फ इतना कहा कि जल्दी आएंगे।
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महाराजगंज जिले के ही संतोष ने बताया कि उसके वृद्ध पिता जोगेंद्र सबसे अधिक चिंतित हैं। सुबह वह फोन करने वाला था कि पिता का फोन आ गया। कुशलक्षेम पूछा। पत्नी से बात हुई तो उसने बताया कि पिता जी पूरी रात सोए नहीं हैं। वीडियोकाल करने पर ही घर वालों को कुछ यकीन आया। कमोवेश यही स्थिति शहर के विभिन्न स्थानों पर बनाए गए सेल्टर होम में रखे गए बाहर से आए श्रमिकों की रही।
एसएस चिल्ड्रेन में हाउसफुल का नोटिस
मुरादाबाद। कांठ रोड से आने वाले श्रमिकों को एसएस चिल्ड्रेन स्कूल में ठहराने के लिए आश्रम गृह बनाया गया है। यहां अब तक 86 लोग आ चुके हैं। जिन्हें आठ कमरों में रोका गया है। चार कमरे भूतल और चार कमरे पहली मंजिल पर हैं। स्कूल प्रशासन की ओर से नोटिस चस्पा कर दिया गया कि उनके स्कूल में अब जगह नहीं बची। इससे ज्यादा लोगों को नहीं रोका जा सकता है। कुछ लोगों को टीनशेड में ठहराया गया है। सिविल लाइंस थाना प्रभारी नवल मारवाहा और उनकी टीम द्वारा इन प्रवासी लोगों की देखभाल व भोजन, पानी और विस्तर की व्यवस्था की जा रही है।
चित्रगुप्त इंटर कालेज से चले गए प्रवासी लोग
मुरादाबाद। चित्रगुप्त इंटर कालेज में पंद्रह लोगों को रोका गया था। कुछ दिन रुकने के बाद ये सभी लोग चले गए हैं। पुलिस ने डाक्टरों की टीम बुलाकर इनकी जांच कराई। सब कुछ सामान्य पाए जाने के बाद इन्हें भेज दिया गया। अब सन्नाटा है। यहां कोई नहीं है।
हिंदू माडर्न कालेज में 17 प्रवासी
स्टेशन रोड स्थित मॉडर्न हिंदू कालेज में 17 प्रवासी रुके हुए हैं। यहां आठ लोग सुल्तानपुर के रहने वाले हैं। ये सभी लोग लुधियाना में रहकर मेहनत मजदूरी करते हैं। लॉक डाउन के बाद साइकिल से ही अपने गांव लौट रहे थे। जबकि कुछ लोग बालामऊ के रहने वाले हैं। ये लोग भी लुधियाना से आ रहे थे।
खाली पड़ा जीजी हिंदू इंटर कालेज
बुधबाजार स्थित जीजी हिंदू इंटर कालेज को भी सरकारी आश्रय गृह बनाया गया है। यहां प्रवासी लोगों के रुकने की पूरी व्यवस्था की गई। लेकिन अभी तक यहां कोई प्रवासी नहीं रुका है। कालेज में सन्नाटा है।
गांधी नगर पब्लिक स्कूल में 43 लोगों को ठहराया। गलशहीद के गांधी नगर स्थित गांधी नगर स्कूल में प्रवासी लोगों को रुकने की व्यवस्था की गई है। यहां बुधवार तक 43 प्रवासी लोगों की आमद हो चुकी है। स्कूल में लोगों के रहने, खाने, पानी, बिस्तर और दवाइयां की व्यवस्था की गई है।
चौधरी बसंत सिंह यादव इंटर कालेज को बनाया आश्रयगृह
मुरादाबाद। भगतपुर टांडा ब्लाक के छह कालेजों को सरकारी आश्रयगृह बनाया गया है। बिलावाला का जनता इंटर कालेज, भदगवां का रामवती मेमोरियल इंटर कालेज, निवाड़ खास का रामेश्वर इंटर कालेज, डूंगरपुर का चैधरी बसंत सिंह इंटर कालेज, कांकरखेड़ा का किसान इंटर कालेज और पीपलसाना का जुल्फेकार हुसैन तुर्की इंटर कालेज को आश्रय गृ़ह बनाया गया है। चौधरी बसंत सिंह इंटर कालेज में बिस्तर, पानी, शौचालय और भोजन व दवाइयों की व्यवस्था की गई है। लेकिन अभी तक यहां एक भी प्रवासी नहीं पहुंचा है।
एसपी सिटी और एडीएम सिटी ने व्यवस्था का जायजा लिया
मुरादाबाद। एसपी सिटी अमित आनंद और एडीएम सिटी राजेंद्र सेंगर ने बुधवार को सरकारी आश्रयगृह का निरीक्षण किया और यहां ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों को जरूरी निर्देश दिए। उनसे से कहा गया कि सोशल डिस्टेंसिंग का विशेष ध्यान रखें। किसी भी प्रवासी को कोई प्रशासन नहीं होनी चाहिए। सीओ कोतवाली राजेश कुमार ने अपने सर्किल में आने वाले आश्रय गृह का निरीक्षण किया।
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