मुरादाबाद के सिविल लाइंस के विशनपुर भीमाठेर निवासी सय्याद हुसैन ठेकेदार हैं। उन्होंने बताया कि पंद्रह दिन पहले ही उन्होंने एंड्राइड फोन खरीदकर व्हाट्सएप चालू किया था। ठेकेदार ने व्हाट्सएप डीपी पर अपना फोटो लगाया था। मंगलवार को साइबर अपराधी ने उनका नंबर हैक कर लिया। इसके बाद मेरा फोटो चोरी कर किसी दूसरे नंबर पर लगाकर मेरे मोबाइल के फ्रेंड्स लिस्ट के नंबरों पर एक मैसेज भेज दिया।
जिसमें आरोपी ने लिखा कि आपकी हेल्प चाहिए मेरे दोस्त का एक्सीडेंट हो गया है। आरोपी ने कुछ ही देर में ये मैसेज 250 लोगों के पास भेज दिया। जिसके झांसे में आकर भोजपुर निवासी हसन कादरी ने आरोपी के बताए नंबर पर यूपीआई के जरिए पंद्रह हजार रुपये भिजवा दिए।
ठेकेदार ने बताया कि आरोपी ने उनके बेटे के पास भी मैसेज भेजा। बेटे ने अपने पिता को कॉल की तो इस साइबर ठगी की जानकारी हो सकी। अब पिता-पुत्र अपने सभी परिचित, रिश्तेदारों को कॉल कर बता रहे हैं कि उनका नंबर हैक कर लिया गया है। उनके पास कोई मैसेज आएं तो किसी खाते पर रकम जमा न करें। पीड़ित ठेकेदार ने साइबर सेल में इसकी शिकायत की।
फर्म कर्मी के खाते से निकाले 35 हजार रुपये
मुरादाबाद के कटघर के पीतल बस्ती निवासी बलवीर सिंह फर्म में नौकरी करते हैं। उन्होंने बताया कि उनके खाते से साइबर अपराधियों ने 35 हजार रुपये ट्रांसफर
कर लिए हैं। बलवीर का कहना है कि उन्होंने न तो किसी को अपने खाते की जानकारी दी और न ही ओटीपी बताया था। बावजूद इसके उनके खाते से रकम निकाल ली गई है। उन्होंने थाने में तहरीर देकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई है।