उम्र तकरीबन तीस साल, शिक्षा इंटरमीडिएट और पेशा जूते चप्पल बेचना लेकिन फोन पर ऐसे रौबदार अंदाज में विश्वास उर्फ अनुभव बात करता है, जिससे पुलिस अधिकारी भी हिल जाएं। आरोपी से डेमो कराकर देखा तो अधिकारी भी हैरान रह गए।
पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह एक वकील के पास मुंशी के तौर पर काम करता था। वहां लोग जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायतें दर्ज कराने आते थे। उसने खुद ही कई लोगों के शिकायतीपत्र जनसुनवाई एप के जरिए अफसरों को भिजवाए थे। यहीं से उसे लोगों को ठगने की लाइन मिल गई। उसने देखा कि ऑनलाइन शिकायतीपत्रों की तुरंत जांच शुरू हो जाती है।
अफसरों के कार्यालयों से भी पीड़ितों के मोबाइल पर कॉल आती हैं। उनसे पूछा जाता है कि उनके शिकायतीपत्रों में अब तक क्या क्या कार्रवाई हो चुकी है। इसके बाद आरोपी ने जनसुनवाई एप के जरिए पीड़ितों के नंबर हासिल करने शुरू कर दिए। उसने लोगों को कॉल कर बताया था कि वह एडीजी कार्यालय से स्टेनो बोल
रहा है।
इसके अलावा आरोपी ने केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह का पीए, पंचायत राज विभाग का पीए, रक्षा मंत्रालय से सचिव बताकर लोगों को कॉलें की थीं। पिछले तीन साल से आरोपी जरूरत के हिसाब से कभी अधिकारी स्टेनो तो कभी मंत्री का पीए और कभी सचिव बन जाता था। कुछ दिन पहले भी आरोपी ने एक शिकायतीपत्र पर कार्रवाई नहीं होने पर पीड़ित को लाइन पर लेकर जनपद में तैनात दरोगा को कॉल की।