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मुरादाबाद में जारी है ठंड से मौतों का सिलसिला, छह और हार गए जिंदगी

Sat, 28 Dec 2019 03:25 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, मुरादाबाद
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demo pic - फोटो : पीटीआई
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ठंड का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। लगातार गिरते जा रहे पारे और तेज होती जा रही शीत लहर के चलते जिले में शुक्रवार को तीन महिलाओं समेत छह और लोगों की मौत हो गई। हालांकि कई मामलों में प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि ये मौतें बीमारी से हुई हैं न कि ठंड से।

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 रामपुर के कस्बा केमरी के मोहल्ला सिंघाडिय़ान निवासी नूरा मियां शुक्रवार की शाम काम से वापस लौटे तो पाया कि उनकी मां सुबरा बेगम (65) ठंड के चलते बेहोश हैं। वह उन्हें  चिकित्सक के पास लेकर गए जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। 

चिकित्सक ने भी ठंड से ही मौत होना बताया। वहीं, मोहल्ला चमारान निवासी सराफा व्यवसायी राजेश रस्तौगी की मां प्रेमा देवी (70) की भी ठंड से मौत हो गई। हालांकि तहसीलदार महेंद्र बहादुर सिंह ने ठंड से किसी की मौत होने से इनकार किया है।
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गजरौला में  कड़कड़ाती सर्दी में फुटपाथ पर सोने वाले बुजुर्ग की मौत हो गई। वह भीख मांगकर पेट भरता था। पुलिस ने व्यापारियों से चंदा एकत्र कराकर उसका अंतिम संस्कार कराया। मृतक की शिनाख्त नहीं हो सकी। 

सहसपुर गांव के मोहल्ला बड़ी मस्जिद निवासी रफीक अहमद (44) वर्ष मेलों और साप्ताहिक पैंठ में दुकान लगाता था। बृहस्पतिवार को ठंड लगने से हालत बिगड़ने पर उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलारी के बाद उन्हें जिला अस्पताल मुरादाबाद भर्ती कराया गया। 

यहां से चिकित्सकों ने उसे मेरठ ले जाने की  सलाह दी। मेरठ ले जाते समय रास्ते में रफीक ने दम तोड़ दिया। उधर नायब तहसीलदार डा. अरुण अग्रवाल और नगर लेखपाल उदयभान सिंह चौहान ने सहसपुर में मृतक के घर पहुंचकर उसकी मौत की जांच की। 

तहसील प्रशासन रफीक की मौत ठंड से न मानकर बीमारी से होना बता रहा है। ठाकुरद्वारा के गांव रामपुर घोघर में पार्वती (90) ठंड लगने से मौत हो गई।

दूसरी ओर कुंदरकी ब्लाक क्षेत्र के ग्राम मिलक गुरेर निवासी मजूदर मुकीम के दो वर्षीय बेटे अरहान की ठंड लगने से तबीयत खराब हो गई। उसे निजी चिकित्सक को दिखाया गया लेकिन गुरुवार की रात्रि में अरहान ने दम तोड़ दिया। 

उसकी मां मैसाने जहां रोते बिलखते बेहाल हो उठी। गुरेर के प्रधान पति जुल्फेकार हुसैन ने बताया कि अगर अरहान को बेहतर इलाज मिल जाता तो शायद उसकी जान बच सकती थी। 

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