पिता मुलायम सिंह यादव की संसदीय सीट पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव जाति-धर्म और विकास के समीकरणों के बीच पारिवारिक और राजनीतिक विरासत बचाने के लिए उतरे हैं। भाजपा प्रत्याशी दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ अपनी भोजपुरी स्टार की छवि से उन्हें टक्कर दे रहे हैं। आजमगढ़ लोकसभा क्षेत्र सपा-बसपा का गढ़ माना जाता है। भाजपा न तो राम मंदिर लहर में और न ही मोदी लहर में यहां परचम लहरा सकी। अलबत्ता वर्ष 2009 का चुनाव जरूर अपवाद रहा, जब यह सीट भाजपा की झोली में गई। तब रमाकांत यादव जीते थे। हालांकि उससे पहले के चुनावों में वे बसपा और सपा के टिकट पर विजयी हुए थे। इस सीट पर यादव, मुस्लिम और अनुसूचित जाति के मतदाता निर्णायक की भूमिका में रहे हैं। इनकी अनुमानित संख्या कुल मतदाताओं की 55-60 फीसदी तक है।
आजमगढ़ क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सभी विधानसभा सीटें फिलहाल सपा और बसपा के पास ही हैं। पिछले चुनाव की ही तरह ज्यादातर ब्राह्मण व ठाकुर मतदाता खुलकर भाजपा के साथ हैं। भाजपा काडर माने जाने वाला मतदाता इससे खुश है कि गैर यादव अन्य पिछड़ा वर्ग के एक हिस्से का भी उसे खासा समर्थन मिल रहा है। कांग्रेस ने गठबंधन को समर्थन देते हुए यहां से प्रत्याशी नहीं उतारा है।
मोदी के जादू की भी चर्चा
मुबारकपुर विधानसभा क्षेत्र के मोहब्बतपुर चौराहे पर बैठे अशोक कुमार सिंह मानते हैं कि क्षेत्र में मोदी का जादू चल रहा है। ब्राह्मण और ठाकुर मतदाता भाजपा को पसंद कर रहे हैं। हालांकि उनके पास ही बैठे बालचंद यादव और कई अन्य मतदाता कहते हैं, निरहुआ मनोरंजन के क्षेत्र में झंडे गाड़ें। उनके लिए यही ठीक होगा। कारूपार चौराहे पर मिले बालचंद और अमरजीत कुमार कहते हैं कि शौचालय, आवास और बिजली कनेक्शन की योजनाएं तो भाजपा सरकार बनने से पहले ही चल रहीं थीं। यहां गठबंधन प्रत्याशी को ज्यादा समर्थन मिल रहा है। सगड़ी विधानसभा क्षेत्र के ढोलीपुर चौराहे पर जावेद अहमद, फूलचंद और जयहिंद कुमार भी यही राय रखते हैं। अहमद जिया, सैफुद्दीन और मो.रजा बताते हैं कि मुबारकपुर का बुनकर समुदाय इस बार भी गठबंधन प्रत्याशी को हाथोंहाथ लेने को तैयार है।
विकास की बात पर अखिलेश का नाम
शाहगढ़ चौराहे पर तुलसी यादव चाय वाले की दुकान पर अच्छे-खासे लोग जमा थे। केदार यादव और शंकर यादव मान रहे हैं कि अखिलेश की स्थिति मजबूत है। पूछने पर चीनी मिल, मेडिकल कॉलेज, महिला अस्पताल, रोडवेज स्टेशन का नाम गिना दिया। शिक्षक हरिहर राम गौतम कहते हैं कि मोदी सरकार अंदरखाने आरक्षण खत्म करने की साजिश रच रही है।
सपा-बसपा-भाजपा तीनों दलों से जीते रमाकांत, अब कांग्रेस में
इलाके के खांटी नेता रमाकांत यादव चार बार तीन दलों से जीत चुके हैं। बीते चुनाव में वे मुलायम सिंह से हारे। अब उन्होंने कांग्रेस को ठिकाना बनाया और नजदीकी भदोही सीट से मैदान में हैं।
...हां, अखिलेश को मिलेगी कड़ी चुनौती
सगड़ी विधानसभा क्षेत्र का बड़ा कस्बा है- जीयनपुर। यहां के आनंद प्रकाश तिवारी, चंद्रिका प्रसाद शर्मा, संदीप कुमार वरनवाल और राजेंद्र मौर्य एक स्वर में कहते हैं कि अखिलेश का जीतना आसान नहीं होगा। पीएम नरेंद्र मोदी ने देश के लिए जितना काम किया है, उसका ताप यहां भी महसूस किया जा रहा है। यही वजह है कि कुर्मी, निषाद और राजभरों का एक बड़ा हिस्सा भी इस बार भाजपा प्रत्याशी का साथ दे रहा है। वे आगे कहते हैं कि इस बार आजमगढ़ में सामान्य वर्ग और अति पिछड़ों के वजूद का अहसास सबको हो जाएगा। गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र के गुलउर बाजार में मिले मणिकेश्वर मिश्रा और अशोक सिंह कहते हैं कि उन्होंने पहली बार आजमगढ़ में भूमिहार, ब्राह्मण और ठाकुर मतदाता एक होते देखे हैं। वे भाजपा के पक्ष में लामबंद हो रहे हैं।