कंटेनर डिपो में क्रेन की लिफ्ट खराब हुई लिफ्ट ने निर्यातकों को बड़ा झटका दिया है। इस समय भारत से दुनिया भर के देशों में क्रिसमस और न्यू ईयर के लिए तैयार हुए आर्डर डिपो में ही फंस गए हैं। पिछले बीस दिनों से चल रही क्रेन खराब होने और ठीक होने की व्यवस्था चल रही है। जबकि पिछले तीनों दिनों से तीनों प्रमुख लिफ्ट खराब होने से लोडिंग अनलोडिंग पूरी तरह से बंद है। जिससे निर्यातकों के 600 कंटेनरों की पैंडिंग हो गए हैं।
इस समय हुई रुकावट से मोटे अनुमान के तौर पर करीब 50 करोड़ रुपये से अधिक का माल मुरादाबाद में ही फंसकर कर रह गया हैं। नाराज निर्यातकों ने आईसीडी और कस्टम से मल्टी पोर्ट परमिशन की मांग की है। आईसीडी की क्रेन खराब होने की दिक्कत आए दिन बनी रहती है, लेकिन इस बार समस्या कुछ ज्यादा ही बड़ी हो गई है। कंटेनर डिपो की एक एक कर तीन क्रेन खराब हो गईं।
एक को ठीक भी करा लिया, लेकिन वो फिर से खराब हो गई। सबसे बड़ी दिक्कत मेन क्रेन के बीस दिन से खराब होने के कारण है। तीनों क्रेटर क्रेेन के खराब होने से कंटेनर की लोडिंग अनलोडिंग बंद हो गई है। फैक्ट्रियों में गए कंटेनर वापस नहीं लिए जा रहे हैं। जबकि डिपो से कंटेनर की निकासी नहीं होने के कारण वहां भी कंटेनर के अंबार लग हुए हैं। तीन दिन से हुई परेशानी के कारण डिपो में 600 से अधिक कंटेनर की पेंडेंसी हो गई है।
ये सभी कंटेनर एक्सपोर्ट प्रोडक्ट से लोडेड हैं। लंबे समय से कंटेनर अटकने से निर्यातकों के सामने सिरदर्दी हो गई है। उनकी पोर्ट पर बुकिंग छूटने की स्थिति बन गई है। अभी यहां से कब तक कंटेनर निकलेंगे और कब पोर्ट पर पहुंचेंगे और कब बायर के हवाले होंगे... कोई जवाब नहीं दे रहा। ज्यादा लेट होने पर आर्डर कैंसिल होने का भी खतरा है।