मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह का कहना है कि उन्होंने कई बार बैठक कर बरसात से पहले कांठ रोड का काम पूरा करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता बहाना बना रहे थे। कांठ रोड का निर्माण कराने के लिए जनवरी में ही धन स्वीकृत हो गया था। लोकसभा चुनाव के कारण टेंडर होने के बावजूद काम नहीं हो सका। अधिशासी अभियंता चुनाव के बाद काम टालते रहे। इस मामले में लापरवाही बरतने की शिकायत मिलने पर अपर आयुक्त को जांच करने के निर्देश दिए। रविवार को मंडलायुक्त ने इस मामले में अधिशासी अभियंता से पूछताछ की थी।
साथ ही डीएम को भी कांठ रोड का निर्माण शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए। मंडलायुक्त ने बताया कि उनके नाराजगी जताने पर ठेकेदार ने निर्माण कार्य शुरू कराया है। जल निगम की ओर से सीवर की पाइप लाइन डालने की वजह से सड़क काफी जर्जर हो गई है। शहर से बाहर रोड की स्थिति काफी खराब है। इस मामले में शिकायत मिलने पर पूर्व डीएम मानवेंद्र सिंह ने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता नवेद खां को बरसात से पहले निर्माण कार्य कराने के निर्देश दिए थे। इस बारे में अधिशासी अभियंता ने बताया कि रोड के लिए शासन से धनराशि की मांग की गई है। लोनिवि महाराणा प्रताप चौक से लेकर छजलैट तक 22.5 किमी लंबे रोड को 32.55 करोड़ की लागत से बनाएगा।