मुरादाबाद। चंदौसी में वारदात के बाद बदमाश अमरोहा तक पहुंच गए। उनको रहने, खाने, पीने के लाले पडे़ हुए थे। यहां से गढ़ मुक्तेश्वर नजदीक ही है। जहां पर कांवड़िए यानी शिवभक्तों का मेला लगना शुरू हो गया है। जिससे की कयास ये भी लगाए जा रहे हैं कि बदमाश पुलिस को चकमा देने के लिए कांवड़िए का रूप धारण करने वाले थे, जिससे की वह भीड़ में घुल मिल जाते। इसके बाद बदमाशों को पकड़ना पुलिस के लिए बहुत मुश्किल हो जाता। इसलिए पुलिस की टीम ने हाईवे की ओर आने वाले रास्तों पर कड़ी चौकसी बरती है।
चंदौसी में वारदात के बाद भागे बदमाशों ने अमरोहा के एक आश्रम में भी पनाह लेने की कोशिश की थी। लेकिन यहां पर संदिग्धों के होने की सूचना पुलिस को मिल गई। पुलिस के वहां पहुंचने से पहले ही भनक लगने पर बदमाश वहां से भाग निकले। इसके बाद अमरोहा में खासतौर पर बदमाशों की तलाश में पुलिस की टीमें अलर्ट रहीं। सभी होटल, ढाबों, आश्रम और खेत, खलिहानों में बने खंडहरों तक में तलाशी अभियान चलाया गया। इसकी वजह से ही कमल को कहीं पर छिपने की जगह नहीं मिली। बदमाश जंगलों के रास्ते पुलिस को चकमा देकर भागने की फिराक में लगे थे। लेकिन उनमें से एक कमल को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया है। अन्य की तलाश जारी है।
‘होटल, ढाबों, आश्रम सहित सभी जगह पर कड़ी चौकसी बरती जा रही थी। जहां जहां भी संदिग्धों के छिपने की सूचना मिली, वहां पर पुलिस की टीमें पहुंचती रही। इसी कड़ी में जंगल में संदिग्धों के देखे जाने की सूचना मिली तो पुलिस टीम के साथ वहां पर घेराबंदी की, जिसके बाद इस मुठभेड़ में पुलिस को सफलता मिली।’
डा. विपिन ताड़ा, एसपी अमरोहा।