लखनऊ चंडीगढ़ एक्सप्रेस ट्रेन के विकलांग कोच में महिला के साथ बलात्कार करने वाले आरोपी सिपाही कमल शुक्ला के ऊपर छह सदस्यों के परिवार की पूरी जिम्मेदारी थी। मां, तीन बहन और दो भाइयों की जिम्मेदारियां भूलकर सिपाही ने मंगलवार को ट्रेन में करतूत की।
सिपाही खुद को भले ही बेकसूर बता रहा है। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहीं तस्वीरें वर्दीधारी की हरकतों को बयां कर रहीं हैं। आरोपी सिपाही कमल शुक्ला प्रतापगढ़ जनपद के कन्हैया हनुमान गंज थानाक्षेत्र के दिव्या करनपुर गांव का रहने वाला है।
इसके पिता जीआरपी में सिपाही के पद पर तैनात थे। लेकिन बीमारी की वजह से उनकी मौत हो गई थी। तीन बहन और दो भाइयों में सबसे बड़े भाई कमल शुक्ला को 2014 में मृताश्रित कोटे से सिपाही के पद नौकरी मिली थी। करीब दो साल से सिपाही मुरादाबाद जीआरपी थाने में तैनात था।
सिपाही का परिवार पैतृक गांव दिव्या करनपुर गांव में रहता है। जबकि कमल शुक्ला जीआरपी लाइन की बैरक में अकेला ही रहता था। मंगलवार को उसकी ड्यूटी लखनऊ चंडीगढ़ एक्सप्रेस ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा में लगी थी।
लखनऊ से मेरठ जा रही महिला के साथ सिपाही ने चलती ट्रेन में बलात्कार किया। ट्रेन बिजनौर स्टेशन पर पहुंची तो यात्रियों ने कोच का गेट खुलवाया। इसके बाद घटना की जानकारी हो पाई थी। घटना की जानकारी मिलने पर सिपाही के परिजन प्रतापगढ़ से बिजनौर पहुंच गए हैं।