एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने सोमवार की दोपहर बिलारी थाने में हेड कांस्टेबल कौशल कुमार को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोच लिया। जबकि दरोगा रवि प्रकाश भाग गया। एसीबी टीम के प्रभारी की तहरीर पर कुंदरकी थाने में कौशल कुमार और केस के विवेचक दरोगा रवि प्रकाश के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
बिलारी थाना क्षेत्र के सिहारी नंदा गांव निवासी किसान मितेंद्र सिंह भाजपा के मल्लपुर जन्नू सेक्टर के संयोजक हैं। उन्होंने दो सितंबर को अपने ही गांव के बिजनेश, गिरिराज, मुन्नालाल और देशराज के खिलाफ अपने बेटे मुनेश से मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा दर्ज कराया था।
मितेंद्र सिंह का आरोप है कि हलका दरोगा रवि प्रकाश ने दूसरे पक्ष से मिलकर गलत तरीके से बने मेडिकल के आधार पर मुन्नालाल से थाने में तहरीर दिलवा कर मितेंद्र के अलावा विनय, बंटी उर्फ मुनेश और विनीत के खिलाफ चार सितंबर को गाली देने, मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा दर्ज करा दिया।
मितेंद्र ने हलका दरोगा रवि प्रकाश पर यह आरोप भी लगाया है कि मुकदमे से उसके दोनों बेटे विनय और मुनेश के नाम हटाने के बदले में रिश्वत की मांग की। मितेंद्र सिंह ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम से की थी। सोमवार की दोपहर एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम बिलारी थाने पहुंच गई।
मितेंद्र ने दरोगा रवि प्रकाश को जब 15 हजार रुपये देने के लिए बुलाया, तब दरोगा ने कहा कि आप हेड कांस्टेबल कौशल कुमार से बात कर लें। मितेंद्र ने जैसे ही हेड कांस्टेबल को 15 हजार रुपये दिए तभी टीम ने उसे दबोच लिया। टीम आरोपी सिपाही को कुंदरकी थाने ले गई।
आरोपी सिपाही कौशल कुमार मेरठ जनपद का रहने वाला है। वह वर्ष 2011 बैच का सिपाही है। एंटी करप्शन ब्यूरो के इंस्पेक्टर नवल मारवाह ने बताया कि आरोपी सिपाही और दरोगा के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। मंगलवार को सिपाही को बरेली कोर्ट में पेश किया जाएगा।
एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने हेड कांस्टेबल को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया है। हेड कांस्टेबल और दरोगा रवि प्रकाश के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इस मामले में एसपी देहात और सीओ बिलारी से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलने पर दोनों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
सतपाल अंतिल, एसएसपी