रसीदें इकट्ठा कर कोर्ट में दावा ठोकना माफिया का मकसद
नियमानुसार इन संपत्तियों का टैक्स सरकारी विभागों द्वारा ही जमा किया जाना चाहिए, जबकि माफिया ने इन आवासों के गृह व जल कर नियम विरुद्ध तरीके से नगर निगम में जमा कर दिए हैं। माफिया का मकसद इस तरह गृह व जल कर की रसीदें इकट्ठा कर भविष्य में इन संपत्तियों पर अपना दावा ठोकना है।
कुछ समय पहले भी माफिया ने नगर निगम द्वारा जारी किए गए गृह कर के एसेसमेंट रजिस्टर की प्रतिलिपियां प्रस्तुत करते हुए कोर्ट में संपत्ति के स्वामित्व के वाद दायर कराए थे। डीएम ने 25 जनवरी को भी नगर निगम से इस मामले में विस्तृत जांच आख्या तलब की थी।
प्रशासन ने दी आवासों की सूची, एक सप्ताह में मांगी रिपोर्ट
डीएम ने टाइप-1, टाइप-2, टाइप-3 और टाइप-4 आवासों की सूची नगर आयुक्त को भेजी है। साथ ही भेजे गए पत्र में कहा गया है कि इन भवनों का गृह और जल कर किसी अन्य व्यक्ति द्वारा व्यक्तिगत रूप से जमा न किया जाए। यदि कोई ऐसा कर रहा है तो उसकी जांच करके एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट दी जाए, जिससे मामले में कानूनी कार्रवाई की जा सके। डीएम ने सरकारी भूमि को खुर्दबुर्द करने वाले गैंग के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की योजना बनाई है।
सरकारी भूमि के साथ भवनों पर भी कब्जा जमाने के लिए कुछ लोगों ने गृह व जल कर जमा कराए हैं। हम पूरे मामले की जांच करा रहे हैं, जिससे कोई गलत दावा न कर सके। नगर आयुक्त को सभी भवनों की सूची भेजकर रिपोर्ट मांगी गई है। - अनुज सिंह, डीएम मुरादाबाद