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मुरादाबाद में माफिया की चाल: डीएम कंपाउंड और ऑफिसर्स कॉलोनी के आवास कब्जाने की साजिश, गृह और जलकर कर दिया जमा

Sat, 01 Mar 2025 02:07 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

मुरादाबाद में सरकारी भवनों पर कब्जे साजिश के तहत भवन माफियाओं ने डीएम कंपाउंड, डीएम फील्ड हॉस्टल और कई अन्य सरकारी इमारतों का गृह व जल कर जमा करा दिया। प्रशासन ने इस गड़बड़ी को पकड़कर जांच शुरू कर दी है। इससे पहले एसएसपी आवास पर भी इसी तरह का दावा ठोका गया था।
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मुरादाबाद में सरकारी संपत्तियों को कब्जाने की साजिश - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुरदाबाद में एसएसपी आवास के बाद अब अन्य सरकारी बंगलों पर कब्जा जमाने की एक और साजिश सामने आई है। भवन माफिया ने डीएम कंपाउंड, डीएम फील्ड हाॅस्टल, रंगोली ऑफिसर्स कॉलोनी समेत कई सरकारी भवनों का गृह व जल कर जमा कराया है।

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इसके आधार पर भविष्य में कोर्ट में दावा ठोकने की तैयारी की आशंका है। हालांकि, जिला प्रशासन ने यह खेल पकड़ लिया। इस खेल में नगर निगम के कर्मचारियों से सांठगांठ की चर्चा है। माफिया ने जिन सरकारी इमारतों का गृह व जल कर जमा किया है।

उनमें परिषद के प्रशासनिक नियंत्रण में आने वाला आवासीय राजस्व भवन, चक्कर का मैदान लाजपत नगर, लोक निर्माण विभाग के नियंत्रणाधीन डीएम कंपाउंड, डीएम फील्ड हॉस्टल, सोनकपुर हॉस्टल, सोनकपुर ट्रांजिट हॉस्टल, कचहरी परिसर, प्रांतीय खंड परिसर मुरादाबाद के आवास शामिल हैं।
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इन आवासों को सरकारी कर्मचारियों व अधिकारियों को रहने के लिए आवंटित किया जाता है। डीएम अनुज सिंह ने नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल को पत्र लिखकर एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है। तीन महीने पहले मुरादाबाद के एसएसपी आवास पर कुछ लोगों ने दस्तावेजों के आधार पर अपना दावा ठोका था।

उसमें भी इसी तरह गृह कर और जल कर आदि के कागज लगाए गए थे। तत्कालीन एसएसपी हेमराज मीणा ने इस मामले में एक अधिवक्ता और उसके साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। जांच पड़ताल के बाद पता चला कि इस तरह का खेल करके कई सरकारी भवनों को कब्जाने की साजिश चल रही हैं।

रसीदें इकट्ठा कर कोर्ट में दावा ठोकना माफिया का मकसद
नियमानुसार इन संपत्तियों का टैक्स सरकारी विभागों द्वारा ही जमा किया जाना चाहिए, जबकि माफिया ने इन आवासों के गृह व जल कर नियम विरुद्ध तरीके से नगर निगम में जमा कर दिए हैं। माफिया का मकसद इस तरह गृह व जल कर की रसीदें इकट्ठा कर भविष्य में इन संपत्तियों पर अपना दावा ठोकना है।

कुछ समय पहले भी माफिया ने नगर निगम द्वारा जारी किए गए गृह कर के एसेसमेंट रजिस्टर की प्रतिलिपियां प्रस्तुत करते हुए कोर्ट में संपत्ति के स्वामित्व के वाद दायर कराए थे। डीएम ने 25 जनवरी को भी नगर निगम से इस मामले में विस्तृत जांच आख्या तलब की थी।

प्रशासन ने दी आवासों की सूची, एक सप्ताह में मांगी रिपोर्ट
डीएम ने टाइप-1, टाइप-2, टाइप-3 और टाइप-4 आवासों की सूची नगर आयुक्त को भेजी है। साथ ही भेजे गए पत्र में कहा गया है कि इन भवनों का गृह और जल कर किसी अन्य व्यक्ति द्वारा व्यक्तिगत रूप से जमा न किया जाए। यदि कोई ऐसा कर रहा है तो उसकी जांच करके एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट दी जाए, जिससे मामले में कानूनी कार्रवाई की जा सके। डीएम ने सरकारी भूमि को खुर्दबुर्द करने वाले गैंग के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की योजना बनाई है।

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सरकारी भूमि के साथ भवनों पर भी कब्जा जमाने के लिए कुछ लोगों ने गृह व जल कर जमा कराए हैं। हम पूरे मामले की जांच करा रहे हैं, जिससे कोई गलत दावा न कर सके। नगर आयुक्त को सभी भवनों की सूची भेजकर रिपोर्ट मांगी गई है। - अनुज सिंह, डीएम मुरादाबाद
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