1250 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में 29 करोड़ रुपये की लागत से एयरपोर्ट तैयार किया गया है। यहां एक टर्मिनल है और 19 सीटर विमानों के उड़ान भरने की अनुमति डीजीसीए की ओर से मिली है। भविष्य में 500 एकड़ जमीन पर एक और टर्मिनल बनाकर व रनवे का विस्तार कर 84 सीटर विमान उड़ाने की योजना है। अब तक फ्यूल स्टेशन न बन पाने के कारण यहां से उड़ानें शुरू नहीं हो सकी हैं। एचपीसीएल कंपनी ने शनिवार को हवाई अड्डे का दौरा किया और फ्यूल स्टेशन के लिए चिह्नित जमीन का सर्वे किया। दस्तावेज तैयार करने के बाद कंपनी डीजीसीए कार्यालय में आवेदन करेगी। वहां से अनुमति मिलने के बाद फ्यूल स्टेशन का निर्माण होगा।
विमानन कंपनी का दावा, ईंधन मिलने के बाद 15 दिन लगेंगे
विमानन सेवा प्रदाता कंपनी फ्लाई बिग के अधिकारियों का कहना है कि फ्यूल स्टेशन बनने के बाद उड़ान शुरू करने में 15 दिन का समय लगेगा। विमान, पायलट आदि सारी व्यवस्थाएं कर ली गई हैं। अब देरी सिर्फ फ्यूल स्टेशन न होने की वजह से हो रही है। एएआई की ओर से तैनात एयरपोर्ट मैनेजर श्याम सुंदर महला ने बताया कि हाल ही में कमिश्नर के साथ बैठक से पहले फ्लाई बिग व एचपीसीएल कंपनियों से बात की गई थी। एचपीसीएल कंपनी जल्द फ्यूल स्टेशन बनाने का दावा कर रही है।
- जमीन अधिग्रहण से पहले किसानों से सहमतिपत्र लिए जा रहे हैं। 2200 किसानों में से 100 से सहमति मिल गई है। अन्य किसानों से जल्द से जल्द सहमति देने की अपील की गई है, जिससे एयरपोर्ट के विस्तार की प्रक्रिया आगे बढ़ सके। - जितेंद्र वीरवाल, एसडीएम सदर