सपा के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री आजम खां ने प्रियंका गांधी के सक्रिय राजनीति पर आने पर कहा है कि यह कहना गलत होगा कि वह अब सक्रिय राजनीति में आई हैं। उनका पूरा परिवार ही राजनीति में है। हां, यह जरूर है कि तीन राज्यों में जीत मिलने के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में आने की घोषणा करना ठीक समझा है। आजम खां ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि कांग्रेस यूपी में वोट कटवा का काम न करे। अगर कांग्रेस ने यूपी में वोट काटने की भूमिका निभाई तो उसके असली चेहरे को बेनकाब करना उनकी मजबूरी हो जाएगी।
गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान आजम खां ने कहा कि मैं कांग्रेस को कोई धमकी नहीं दे रहा हूं, बल्कि उनको सुझाव दे रहा हूं। कांग्रेस ने अगर कोई ऐसी कोशिश की तो मेरी इस बात की मजबूरी होगी कि मैं कांग्रेस पार्टी की उस सही शक्ल को जिसके नतीजे में कांग्रेस पार्टी यहां खड़ी है वो खासतौर से उस अखलियात से जो यहां फैसला करेगी उसे वो शक्ल दिखाऊँ। मेरी खास दरख्वास्त है उनसे, राहुल जी से प्रियंका जी से न कोई सवाल करना है न कोई जवाब चाहिए हमें। जब जवाब चाहिए होगा तो कांग्रेस से चाहिए होगा क्योंकि उन तमाम चीजों की जिम्मेदार कांग्रेस है।
ईवीएम पर लगातार उठ रहे सवालों के बीच आजम खां ने चुनाव आयोग को निशाने पर लेते हुए कहा ईवीएम से चुनाव कराने की बात पर केंद्र सरकार की मर्जी बताते हुए चुनाव आयोग को केंद्र सरकार के अधीन करार दे डाला । उन्होंने बेहद कड़े लहजे में चुनाव आयोग की हैसियत पर ही सवाल खड़े कर डाले। उन्होंने कहा जनता अगर ईवीएम के खिलाफ खड़ी हो जाएगी तो फिर चुनाव आयोग कुछ नहीं कर पाएगा।
आजम खान ने कहा कि जनता के इस आंदोलन को खड़ा करने के लिए जयप्रकाश नारायण जैसे जुझारू नेता की जरूरत है। कुंभ के आयोजन को धार्मिक बताते हुए आजम खां ने मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कुंभ के राजनीतिकरण का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कुंभ के मेले में सुविधाओं के नाम पर टॉयलेट में पानी तक नहीं है। नहाने के लिए स्वच्छ डुबकी लगाने के लिए स्वच्छ पानी का व्यवस्था नहीं है लेकिन प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के बड़े-बड़े कटआउट लगाकर राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश की जा रही। उन्होंने कहा कि यूं तो यह अर्द्ध कुंभ था लेकिन इस पर खर्च महाकुंभ से भी ज्यादा किया गया।