बवाल के दौरान जिन लोगों की मौत हुई वह दुख की बात है। चार लोगों की मौत मामले में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। पुलिस विवेचना कर रही है। पुलिस पर गोली चलाने का आरोप लगाया जा रहा है, लेकिन साक्ष्य उपलब्ध कोई नहीं करा रहा है। एक वीडियो के आधार पर इल्जाम देना ठीक नहीं है। यदि पुलिस के खिलाफ साक्ष्य मिलते हैं कार्रवाई की जाएगी। यह बात मुरादाबाद के कमिश्नर आन्जनेय कुमार सिंह ने प्रेसवार्ता के दौरान कही है।
कमिश्नर ने प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि जांच अलग अलग बिंदुओं पर चल रही है। बहुत कुछ सामने आया है। इसको अभी जगजाहिर नहीं किया जा सकता है, क्योंकि जांच प्रभावित हो जाएगी। इसलिए पुलिस की जांच पूरी होनी जरूरी है।
जामा मस्जिद, नखासा तिराहा और हिंदूपुरा खेड़ा में जो बवाल के दौरान निजी व सरकारी संपत्ति का नुकसान हुआ है। उसके आकलन की रिपोर्ट अंतिम चरण में है। इस नुकसान की भरपाई उपद्रवियों से की जाएगी। कमिश्नर का कहना है कि आकलन की प्रक्रिया पूरी होने पर कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा। आगे कहा कि ऐसा अंदेशा है कि इस बवाल में बाहरी लोग भी शामिल हो सकते हैं। इस बिंदु पर भी जांच की जा रही है। कई स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे भी तोड़े गए हैं।
कमिश्नर ने कहा कि बवाल के दौरान नाबालिग भी शामिल थे। जिन्होंने पत्थरबाजी की थी। कमिश्नर ने अफसोस जाहिर करते हुए कहा कि मेरे लिए यह चिंता का विषय है कि नाबालिग जिनकी उम्र पढ़ने की है वह बवाल में शामिल हुए। कमिश्रर ने कहा कि वह ऐसे बच्चाें की काउंसिलिंग भी कराएंगे।
बवाल में शामिल आरोपियों की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई भी जाएगी। इसके लिए प्रक्रिया पूरी की जाएगी। यह कहना है कमिश्नर का। उन्होंने कहा कि पोस्टर प्रमुख स्थानों पर चस्पा किए जाने के लिए विभिन्न न्यायालयों के आदेश का पालन किया जाएगा। इसके अलावा आरोपियों की संपत्ति जब्त करने के लिए प्रक्रिया को पूरा कराया जाएगा।
कमिश्नर ने कहा कि सर्वे शांतिपूर्ण तरीके से किया गया। टीम को सुरक्षा के बीच बाहर निकाला गया। जो वीडियो वायरल हो रहा है वह मस्जिद से काफी दूर का है। मस्जिद के आसपास का नहीं है। जब टीम मस्जिद पहुंची तो शांतिपूर्ण तरीके से पहुंची थी।