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फरार बंदियों की तलाश में ताबड़तोड़ छापे

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चंदौसी में फरार बंदियों की तलाश में काबिंग करते एडीजी अविनाश चंद्र। - फोटो : CHANDAUSI
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36 घंटे बाद भी फरार बंदी पुलिस पकड़ से दूर
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- पुलिस- एसटीएफ के ताबड़तोड़ छापे, 10 से ज्यादा उठाए
- रातभर जंगल खंगालने के बाद भी हाथ नहीं आए बंदी
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद।
बुधवार को चंदौसी के पास दो सिपाहियों की हत्या कर पुलिस कस्टडी से भागे तीन बंदियों की तलाश में यूपी एसटीएफ और पुलिस की टीमों ने गुरुवार को पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड में हरिद्वार समेत कई स्थानों पर छापामारी की है। इससे पहले बुधवार को रात भर एडीजी, आईजी और एसपी के नेतृत्व में पुलिस की टीमों ने जंगल में कांबिंग की लेकिन लेकिन फरार बंदियों के बारे में कोई सुराग नहीं लगा। अलबत्ता पुलिस और एसटीएफ की टीमों ने 10 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया है।
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एडीजी अविनाश चंद्र, आईजी रमित शर्मा, आईजी एसटीएफ अमिताभ यश, मुरादाबाद के एसएसपी अमित पाठक, रामपुर के पुलिस अधीक्षक डा. अजयपाल शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने बुधवार को रात भर बनियाठेर इलाके में जंगल में कांबिंग की। लेकिन पुलिस बंदियों को पकड़ना तो दूर उनका रूट तक नहीं ट्रेस कर सकी है। मानकपुर नरौली, नसीरपुर नरौली, कुआखेड़ा, अकरौली, पचाक व अमियापुर तक बंदियों के बारे में कुछ सूचनाएं जरूर मिलीं लेकिन इसके आगे पुलिस भटक गई। गुमथल गांव के महावीर गुप्ता का पुत्र राजीव गुप्ता कल शाम ट्यूबवेल पर सो रहा था, उसे उन्हीं तीन बंदियों ने जगाया और पूंछा कि यह कौन सा गांव है, आगे कौन सा रास्ता कहां जाता है। इसमें एक गंजे व्यक्ति के पास रायफल भी थी। पुलिस ने राजीव गुप्ता को दो बार पकड़कर पूछताछ की है। अभी भी पहचान के लिए पुलिस ने उसे अपने पास ही रखा है। मानकपुर नरौली व अकरौली के लोगों ने बताया कि रात्रि को पूरा गांव जागता रहा। क्योंकि खलिहान से गोलियां चलने की आवाजें आती रहीं। भय यह सता रहा था कि यदि कोई ग्रामीण अपने खेतों पर भी गया तो पुलिस कहीं फरार बंदी समझकर गोली न मार दे। पुलिस ने अकरौली, मानकपुर नरौली आदि में कई घरों में घुसकर तलाशी भी ली। एसटीएफ और पुलिस ने गुरुवार को यूपी के विभिन्न शहरों के साथ ही पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड में कई स्थानों पर छापामारी की है।
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