तीन दिन पहले मौसम का मिजाज बदलना शुरू हुआ था। शुक्रवार को गलन और ठिठुरन ने बेहाल कर दिया। शुक्रवार सुबह को घना कोहरा छाया हुआ था। हवा भी बर्फीली थी। घने कोहरे के कारण वाहन चालकों को काफी दिक्कतें आईं। दृश्यता कम होने की वजह से वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई। चालक अपने वाहनों में लाइट जलाकर अपने गंतव्य तक पहुंचे। हेलमेट, मफलर और ग्लव्स पहनने के बाद भी गलन परेशान कर रही थी। दिनभर सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। इसकी वजह से ठिठुरन की स्थिति बनी रही। शाम को भी लोग जल्दी घरों को लौटने की कोशिश में दिखाई दिए। पार्कों में भी शाम को सन्नाटा पसर गया। जगह-जगह अलाव जलाकर लोगों ने ठंड से राहत पाने का प्रयास किया। मौसम विज्ञान विभाग के डाटा संग्रह केंद्र के अधिकारियों के अनुसार शुक्रवार को अधिकतम तापमान 15.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटे में अधिकतम तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान में 0.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हुई। सुबह वातावरण में नमी 95 फीसदी रही और शाम को नमी 85 फीसदी दर्ज की गई। हवा पश्चिम दिशा से पांच से दस किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चली।
पंतनगर विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह का कहना है कि सर्दी अपने चरम पर है, इसलिए घना कोहरा और सर्द हवा बेहाल करेगी। शनिवार और रविवार को कड़ाके की ठंड रहने का अनुमान है।