स्वच्छता अभियान को आगे बढ़ाते हुए रेलवे एक और नया प्रयोग करने जा रहा है। ट्रेनों में बायोटायलेट के साथ ही सेंसर वाले दरवाजे लगाने की योजना पर काम चल रहा है। प्रोजेक्ट लगभग पूरा हो चुका है और नए डिजाइन के कोच जल्द ही ट्रेनों में लगाने शुरू कर दिए जाएंगे।
जिसके तहत स्टेशन पर खड़े होने के दौरान टायलेट के दरवाजे नहीं खुलेंगे। नए कोच का डिजाइन आरडीएसओ ने तैयार किया है। ट्रेन के स्टेशन पर खड़े होने के दौरान यात्री टायलेट का प्रयोग बंद नहीं करते। जबकि अधिक समय तक ट्रेनों के स्टापेज वाले स्टेशनों पर प्रयोग नहीं करने के लिए उद्घोषणा भी की जाती है।
जिसके चलते प्लेटफार्म पर गंदगी फैल जाती है। विशेषकर सुबह के समय जिन स्टेशनों पर ट्रेनें रुकती है वहां गंदगी बहुत अधिक होती है। सफाई के बावजूद वहां दुर्गंध और गंदगी बची रह जाती है। इससे बचने के लिए ट्रेनों में बायोटायलेट लगाए जा रहे हैं।
इसके साथ ही आरडीएसओ ने नया प्रयोग किया है, जिसके तहत कोच में सेंसर वाले दरवाजे लगाए जाएंगे जो ट्रेन के किसी भी प्लेटफार्म पर खड़े होने के दौरान नहीं खुलेंगे। आधुनिक सिस्टम के चलते ट्रेन के प्लेटफार्म पर लगते ही दरवाजे एक साथ बंद हो जाएंगे।
जिससे स्टेशन पर खड़े होने के दौरान यात्री टायलेट का प्रयोग नहीं कर पाएंगे और प्लेटफार्म के ट्रैक पर गंदगी नहीं फैलेगी। सीपीआरओ नीरज शर्मा के अनुसार आरडीएसओ इस प्रकार के कोच तैयार कर रहा है। जिससे स्वच्छता अभियान को भी बल मिलेगा और यात्रियों को साफ सुथरे स्टेशन देने की ओर एक और कदम होगा।