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Moradabad News: हत्या के मामले में अदालत में बयान दर्ज कराने नहीं आए सीओ, वेतन रोकने के आदेश

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मुरादाबाद। हत्या के 14 साल पुराने मामले में अदालत में आकर बयान दर्ज न देने पर सीओ अजय श्रोत्रीय का वेतन रोकने के आदेश दिए हैं। सीओ अजय श्रोतिया झांसी जनपद के तहरौली सर्किल में तैनात हैं। घटना के समय अजय श्रोत्रीय मुरादाबाद के मूंढापांडे थाने में प्रभारी के वेतन पर तैनात थे और हत्या की विवेचना की थी। अदालत ने झांसी के डीएम को उनका वेतन रोकने के आदेश दिए हैं।
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मूंढापांडे थाना क्षेत्र के बरवाला खास निवासी खुर्शीद अहमद ने 17 अप्रैल 2010 को मूंढापांडे थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें बताया कि हमारे गांव में एयरटेल कंपनी का टावर लगा है। जिसकी सुरक्षा के लिए तैनात बरेली जनपद के मलपुर निवासी अब्दुल सलाम उर्फ मुन्ना, मूंढापांडे के हरसैनपुर निवासी संजीव शर्मा, रामपुर के मोबिनपुर निवासी सुरजीत और बरवाला खास निवासी मो. नाजिम के खिलाफ केस दर्ज कराया था। खुर्शीद अहमद ने बताया था कि आरोपी टावर पर गार्ड की नौकरी करते थे। आए दिन शराब पीकर टावर पर हंगामा करते थे। इनसे गांव के अधिकतर लोग परेशान थे। जिसकी शिकायत एयरटेल कंपनी के अधिकारियों से की थी। जिसके बाद कंपनी ने सभी को नौकरी से निकाल दिया था। इसके बाद खुर्शीद के बेटे सलीम, फहीमउद्दीन और साले का बेटा मोहम्मद नाजिम को गार्ड की नौकरी पर रख लिया गया था। जिस वजह से चारों आरोपी रंजिश रखने लगे थे।
16 अप्रैल 2010 की रात करीब ग्यारह बजे चारों आरोपी मौके पर पहुंच गए और खुर्शीद अहमद के बेटे सलीम के साथ झगड़ा करने लगे थे। विरोध करने पर सलीम को गोली मार दी थी। जिसमें सलीम घायल हो गया था। बाद में इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई थी। इस मामले की विवेचना मूंढापांडे थाने के तत्कालीन प्रभारी अजय श्रोत्रीय ने की थी।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मनीष भटनागर ने बताया कि इस मामले की सुनवाई एडीजे तीन में की जा रही है। जिसमें कई बार विवेचना अधिकारी को समन जारी किया गया लेकिन वह अदालत में पेश नहीं हुए। जिसके बाद अदालत ने उनके खिलाफ कार्यवाही करते हुए उनके वेतन रोकने के आदेश जारी किए हैं।
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