रामपुर। पचास से अधिक मुकदमे के आरोपी पूर्व सीओ आले हसन गुरुवार को एसआईटी के समक्ष प्रस्तुत नहीं हुए। एसआईटी ने उनको आलियागंज के किसानों की जमीन कब्जाने के आरोप में दर्ज मुकदमों में बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया था। वहीं एसआईटी ने जौहर ट्रस्ट के उपाध्यक्ष मुश्ताक अहमद सिद्दीकी से लगभग डेढ़ घंटे तक पूछताछ की।
आलियागंज के किसानों का आरोप है कि उनकी जमीन कब्जा पर कब्जा कर उसे जौहर यूनिवर्सिटी की चारदीवारी के अंदर शामिल कर लिया गया है। इस मामले में 26 किसानों ने अलग-अलग रिपोर्ट अजीमनगर थाने में सांसद आजम खां और पूर्व सीओ आले हसन के खिलाफ दर्ज कराई है। इन मुकदमों की विवेचना के लिए पुलिस नेे विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। सांसद आजम खां एसआईटी के समक्ष चार बार पेश हो चुके हैं। एसआईटी ने किसानों की जमीन कब्जाने के मामले में गुरुवार को पूर्व सीओ आले हसन और जौहर ट्रस्ट के उपाध्यक्ष मुश्ताक अहमद सिद्दीकी को तलब किया था। पूर्व सीओ आले हसन गुरुवार को एसआईटी के समक्ष प्रस्तुत नहीं हुए। वहीं जौहर ट्रस्ट के उपाध्यक्ष मुश्ताक अहमद सिद्दीकी ने एसआईटी के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया। एसआईटी ने लगभग डेढ़ घंटे तक सिद्दीकी से पूछताछ की। पुलिस का कहना है कि पूर्व सीओ आले हसन जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। इस बारे में कोर्ट को जानकारी दी जाएगी। एसआईटी ने इस मामले में शुक्रवार को लेखपाल आनंदवीर को तलब किया है। शनिवार को विधायक नसीर खां और लेखपाल महिपाल को तलब किया गया है।