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अस्पताल, औद्योगिक क्षेत्र, उड़ान पर खींचा सीएम का ध्यान

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मुरादाबाद के मूंढापांडे हवाई अड्डा में निर्यातको से वार्ता करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ। ?
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मुरादाबाद। शहर में 100 बेड के ईएसआई अस्पताल को स्वीकृति मिलने के बावजूद सुविधा शुरू नहीं हुई। एयरपोर्ट पर विस्तार कार्य पूरा होने के बावजूद इसे शुरू नहीं किया जा रहा है। औद्योगिक क्षेत्र के नाम पर हरथला है, जहां विकास ही नहीं हो पाया है। उद्यमियों ने इन समस्याओं पर सीएम का ध्यान खींचा और जल्द समाधान की अपील की।
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शहर के तीन व्यापार और निर्यात संगठनों के प्रतिनिधियों ने सीएम से मिलकर अपनी बात रखी। निर्यातकों ने कहा कि मुरादाबाद में बहुत सी निर्यात इकाइयां 20 से 30 वर्ष पुरानी हैं। तब इन क्षत्रों में आबादी नहीं थी, अब ये क्षेत्र आर-2 जोन में आ गए हैं। इसके चलते प्रदूषण विभाग निर्यात इकाइयों को एनओसी जारी नहीं कर रहा है। जबकि विदेशी ग्राहकों ने इसे अनिवार्य किया है।
इस पर उन्होंने सुझाव दिया कि जो फैक्टरियां आबादी से पहले स्थापित हुईं, उन्हें आर-2 जोन से बाहर रखा जाए। जहां मिश्रित फैक्टरी हैं वहां ईटीपी प्लांट लगाकर बाहर निकलने वाले पानी को साफ किया जाए। मुरादाबाद में पूर्ण विकसित औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किया जाए। जिसमें सड़कें, बिजली पानी व सिंगल विंडो की व्यवस्था हो। एसईजेड की भूमि का बड़ा हिस्सा खाली पड़ा है। इसे औद्योगिक क्षेत्र घोषित किया जाए।
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मुरादाबाद में एयरपोर्ट के मुद्दे को भी उद्यमियों से प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट का निर्माण पूरा हुए दो वर्ष बीत चुके हैं। इसके शुरू न होने से शहर के निर्यात को पंख नहीं लग पा रहे हैं। एयरपोर्ट शुरू होने से ग्राहक दिल्ली से सीधे मुरादाबाद आ सकेंगे। इससे स्थानीय व्यापार को भी फायदा होगा। एमडीए ग्रांड के अंतर्गत देशी व विदेशी व्यापार मेले में स्टाल बनाने व सजाने के लिए सहायता राशि की मांग रखी।
ये बोले निर्यातक
एसईजेड में कुछ निर्यातकों के प्लॉट बिना किसी कारण निरस्त कर दिए हैं। दोबारा आवंटन के कारण बहुत अधिक पीस मांगी जा रही है। यूपीसीडा को सकारात्मक सोच के साथ निर्यातकों को दोबारा कम पीस पर प्लॉट आवंटन करना चाहिए।
- विशाल अग्रवाल, राष्ट्रीय महासचिव यस
एसईजेड की खाली पड़ी भूमि का सदुपयोग होगा तो निर्यातकों को लाभ मिलेगा। कस्टम्स की समस्या नहीं होगी और छोटे निर्यातक भी अपना काम आसानी ने कर सकेंगे।
- अवधेश अग्रवाल, महासचिव हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन
शहर के मार्गों पर एसईटीपी प्लांट लगाए जाएं जिससे फैक्टरियों से निकलने वाला पानी साफ होकर नदियों में जाए। औद्योगिक क्षेत्र को अतिशीघ्र विकसित किया जाए। गृहकर और जलकर टैक्स प्रणाली को सरल और पारदर्शी बनाया जाए।
- अंशुल अग्रवाल, अध्यक्ष लघु उद्योग भारती
उद्यमों पर गृहकर और जलकर समान रूप से लगता है। जबकि सभी निर्यात इकाइयां पानी की व्यवस्था स्वयं करती हैं। कर की सही गणना वेबसाइट पर होनी चाहिए। एमएसएमई और निर्यात इकाइयों पर टैक्स की दर वर्तमान से 50 प्रतिशत कम होनी चाहिए।
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- नीरज खन्ना, राष्ट्रीय चेयरमैन यश

मुरादाबाद के मूंढापांडे हवाई अड्डा में निर्यातको से वार्ता करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ। ?

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