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लोकोशेड पुल तैयार, 3 अक्तूबर को सीएम योगी कर सकते हैं शुभारंभ

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लोकोशेड पुल के सड़क का काम हुआ पुरा। - फोटो : CITY
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अमर उजाला ब्यूरो
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मुरादाबाद। पांच साल के लंबे इंतजार के बाद महानगर की लाइफलाइन लोकोशेड पुल आखिरकार तैयार हो गया है। 3 अक्तूबर को सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ इसे महानगर की जनता को समर्पित करेंगे। पिछले दो दिन से पुल पर डामर डालने का काम किया जा रहा था। जोकि बुधवार को पूरा हो गया है। निर्माण कंपनी ने बुधवार सुबह 6 बजे से ही काम शुरू कर दिया था, शाम 6 बजे तक डामर डाली गई। इसके बाद देर रात तक रेलिंग पर पेंटिंग का काम चला।
जनांदोलन के रूप में शुरू हुए लोकोशेड पुल के अभियान को आखिरकार सफलता मिल गई है। इस पुल के शुरू होने से स्कूली बच्चों से लेकर जिले के अधिकारियों को भी सहूलियत होगी। चूंकि डीपीएस स्कूल के विद्यार्थी जो दिल्ली रोड से होकर सिविल लाइंस जाते हैं। उन्हें जाम के कारण देरी नहीं होगी। साथ ही अधिकारियों को महत्वपूर्ण बैठक के लिए दिल्ली रोड स्थित सर्किट हाउस में जाना पड़ता है। इसके अलावा रोडवेज की बसें जो कि बाईपास से होकर गुजरती थीं। वह भी अब इस रूट से गुजर सकेंगी। सेतु निगम के असिस्टेंट इंजीनियर टीपी गुप्ता ने बताया कि पुल पर डामर व रेलिंग पेंटिंग का कार्य पूरा हो चुका है। इसकी सूचना निगम के उच्चाधिकारियों को प्रेषित कर दी गई है। 3 अक्तूबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस पुल का शुभारंभ कर सकते हैं।
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महानगर वासियों ने जताया आभार
जनता की आवाज बनकर अमर उजाला ने लोकोशेड पुल निर्माण को अभियान के रूप में चलाया। पुल का निर्माण पूरा होने पर महानगर की जनता में खुशी की लहर है। शहरवासियों ने अपने अखबार का आभार जताया है। लाइनपार निवासी विशनपाल सिंह ने बताया कि कांठ रोड से दिल्ली रोड को जोड़ने वाले इस पुल के लिए जनता को लंबा इंतजार करना पड़ा है। अभियान के माध्यम से लॉकडाउन के बाद काम में तेजी आई थी। पुतलीघर निवासी मनवीर सिंह कहते हैं कि कई बार रेलवे व सेतु निगम के अफसरों को काम जल्द से जल्द पूरा कराने के लिए ज्ञापन प्रेषित किया। अभियान के सफल होने से पूरे शहर को सहूलियत होगी।
रेल मंत्री से लेकर हाईकोर्ट तक पहुंची थी शिकायत
लोकोशेड पुल के काम में देरी को लेकर शहरवासियों ने हाईकोर्ट तक गुहार लगाई थी। जिसके बाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीबी भोसले और यशवंत सिन्हा की खंडपीठ ने पुल निर्माण को जल्द से जल्द पूरा करने का आदेश दिया था। इसके अलावा शहर विधायक रितेश गुप्ता ने भी अभियान शुरू होने के बाद रेल मंत्री पीयूष गोयल से मिलकर कार्य जल्द से जल्द पूरा करवाने की अपील की थी।
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इस वजह से रुका था काम
स्वीकृति मिलने के बाद रेलवे की रिपोर्ट में पुल का डिजाइन बदला गया। पहले भूमि की ऊपरी सतह से पोल लगाए जाने थे लेकिन स्वीकृत नक्शे में बदलाव के बाद भूमि में 25 मीटर गहराई से पोल तैयार किए गए। उस स्थान पर दलदली भूमि होने के कारण रेलवे ने नक्शे में बदलाव किया। साथ ही पुल व खंभों की लंबाई में भी बदलाव किया गया। जिसके कारण पुल का निर्माण कार्य देरी से शुरू हुआ।
- कुल लंबाई 650 मीटर
- रेलवे का हिस्सा - 112 मीटर
- कुल चौड़ाई 7.5 मीटर
- कुल लागत 30 करोड़ रुपये
- स्वीकृति मिली वर्ष 2015 में
- कार्य शुरू हुआ वर्ष 2017 में
- कुल समय लगा - पांच वर्ष
- कार्यदायी संस्था सेतु निगम
- निर्माण कंपनी - एमए डेवलपर्स एंड इंजीनियर्स
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