बहजोई। गांव फरीदपुर खुशहाल में गलत उपचार से कक्षा आठ की छात्रा नूरेशमां, 15 वर्ष की मौत हो गई। घटना के बाद क्लीनिक संचालक उपचार का सामान समेटकर भाग गया।
गांव फरीदपुर निवासी यामीन ने बताया कि शुक्रवार को दोपहर करीब 12 बजे उसकी बेटी नूरेशाम को बुखार आया था। इसके बाद वह गांव के ही एक क्लीनिक पर बेटी को दवा दिलाने ले गया। इस बीच क्लीनिक संचालक की ओर से बेटी को चार इंजेक्शन लगाए गए। इंजेक्शन लगने के करीब आधा घंटे बाद बेटी की हालत बिगड़ी, तो संचालक ने बेटी को हायर सेंटर में दिखाने की बात कहते हुए क्लीनिक से भेज दिया। इसके बाद बेटी ने बहजोई लाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। वापसी में गांव जाकर देखा, तो क्लीनिक संचालक उपचार के सामान समेटकर फरार हो गया। उसने बताया कि बेटी नूरेशमां पांच भाई-बहनों में सबसे छोटी थी और गांव के ही सरकारी स्कूल में कक्षा आठ में पढ़ती थी।