अमरोहा/हसनपुर। सोशल मीडिया पर तीन बहनों द्वारा एक ही युवक से शादी करने के दावे के साथ वायरल हुआ बहुचर्चित वीडियो आखिरकार प्रैंक निकला। कानूनी कार्रवाई की आशंका और बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) की जांच शुरू होने के बाद सोमवार को तीनों बहनों ने समिति के समक्ष पेश होकर स्वीकार किया कि उन्होंने वास्तव में शादी नहीं की थी। वीडियो केवल सोशल मीडिया पर लोकप्रियता, फॉलोअर्स और व्यू बढ़ाने के उद्देश्य से बनाया गया था।
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अतुलेश भारद्वाज के समक्ष दर्ज बयान में तीनों बहनों ने बताया कि कथित शादी पूरी तरह प्रैंक थी, जिसे चारों लोगों ने मिलकर सोशल मीडिया पर प्रसिद्धि पाने के लिए बनाया था। उन्होंने अपने इस कदम पर पछतावा भी जताया।
बहनों ने बताया कि शादी का वीडियो पोस्ट करने से पहले उन्होंने उसी दिन एक अन्य वीडियो भी बनाया था, जिसमें इसे प्रैंक बताया गया था, लेकिन वह वीडियो अपलोड नहीं किया गया। अब उन्होंने वही वीडियो साक्ष्य के रूप में समिति को सौंप दिया है।
समिति ने तीनों के बयान दर्ज करने के बाद उन्हें घर भेज दिया। फिलहाल हसनपुर पुलिस और बाल संरक्षण इकाई की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इसके बाद विधिक राय लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ये है पूरा मामला
हसनपुर क्षेत्र के गांव धोरिया निवासी 20 वर्षीय युवती ने अपनी 18 वर्षीय मौसेरी बहन के साथ एकेराजपूत 9990 नाम से इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया था। बाद में उनकी 15 वर्षीय बहन भी वीडियो बनाने लगी। 17 जुलाई को तीनों ने अपने कैमरामैन के साथ मंदिर में शादी करने का वीडियो पोस्ट किया, जिसमें दावा किया गया कि तीनों ने एक ही युवक से विवाह किया है क्योंकि वे अलग नहीं रह सकतीं। वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। लोगों ने इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। कई लोगों ने ट्रोल किया तो बड़ी संख्या में लोगों ने वीडियो को देखा और साझा किया। इसी बीच एक ग्रामीण ने नाबालिग बहन की हाईस्कूल मार्कशीट बाल कल्याण समिति को भेजकर मामले की जांच की मांग की। इसके बाद समिति ने हसनपुर पुलिस और बाल संरक्षण इकाई से रिपोर्ट तलब की थी।
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तीनों बहनें पढ़ाई भी कर रहीं
सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने के साथ-साथ तीनों बहनें पढ़ाई भी कर रही हैं। सबसे बड़ी युवती बीटेक द्वितीय वर्ष की छात्रा है, दूसरे नंबर की युवती ने इस वर्ष इंटरमीडिएट पास किया है, जबकि सबसे छोटी बहन कक्षा 12 की छात्रा है।
तीनों बहनों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। उन्होंने वास्तव में शादी नहीं की थी, यह पूरा वीडियो सोशल मीडिया पर लोकप्रियता, फॉलोअर्स और व्यूवर्स बढ़ाने के उद्देश्य से बनाया गया था प्रस्तुत साक्ष्यों और पुलिस व बाल संरक्षण इकाई की रिपोर्ट मिलने के बाद विधिक राय लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- अतुलेश भारद्वाज, अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति
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वायरल वीडियो ने रातों-रात बढ़ा दी लोकप्रियता
17 जुलाई को शादी का वीडियो अपलोड होने के बाद तीनों बहनों का इंस्टाग्राम अकाउंट तेजी से वायरल हुआ। 24 घंटे के भीतर फॉलोअर्स 4.60 लाख से बढ़कर 5.15 लाख हो गए, जबकि वीडियो व्यूज 9 करोड़ से बढ़कर 15 करोड़ से अधिक पहुंच गए। फेसबुक पर 93 हजार और यूट्यूब पर 11 हजार से ज्यादा सब्सक्राइबर हो गए।