मुरादाबाद। शहर में सभी मार्गों पर अवैध होर्डिंग लगे हैं। बिजली के खंभों से लेकर आवासीय और व्यावसायिक भवनों तक होर्डिंग-बैनर टंगे हैं। यह सब नगर निगम के अधिकारियों की आंखों के नीचे हो रहा है। इससे निगम को प्रतिमाह लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान भी हो रहा है।
हैरानी की बात यह है कि शहर भर में होर्डिंग, बैनर, फ्लैक्स और यूनीपोल की भरमार है, जिसमें सिर्फ 134 की अनुमति ही निगम से ली गई है। अवैध रूप से होर्डिंग-बैनर लगाने का काम शहर के बाहर भी बड़े स्तर पर हो रहा है। नगर निगम के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो शहर में 60 यूनीपोल, 56 होर्डिंग और 18 सेंट्रल पुल सेल्स टैक्स पर होर्डिंग लगाए जाने की अनुमति प्रदान की गई है। दस यूनीपोल को एंट्री गेट पर अनुमति प्रदान की गई है। निगम ने यह जिम्मेदारी दो विज्ञापन एजेंसियों को दी है। एक एजेंसी के पास गेट की एंट्री और दूसरी एजेंसी के पास अन्य यूनीपोल और होर्डिंग्स पर विज्ञापन अनुमति देने का कार्यभार है।