नगर पालिका ने शुक्रवार को नगर की सड़कों पर घूमने वाले कुत्तों को पकड़ने के लिए अभियान शुरू किया। लेकिन पहले दिन ही बवाल हो गया। अभियान के दौरान पूर्व विधायक विजय यादव के पालतू कुत्ते को पकड़ने को लेकर विवाद हुआ और पूर्व विधायक के समर्थकों ने कुत्ते पकड़ने वाली गाड़ी को घेर कर उसमें बंद सभी कुत्तों को छुड़वा दिया।
बाद में गाड़ी में तोड़फोड़ की और आरोप है कि टीम के सदस्यों को पीट दिया। नगर पालिका के ईओ पुनीत कुमार ने बताया कि नागरिकों की मांग पर आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए शुक्रवार को अभियान शुरू किया गया। टीम ने करीब 30 कुत्तों को पकड़ा।
लेकिन काशीपुर चुंगी पर पूर्व विधायक के आवास के सामने एक कुत्ते को पकड़ने को लेकर विवाद हो गया। उन्होंने बताया कि टीम के लोग अभी उनसे नहीं मिले हैं। उन्होंने यदि मांग की तो पुलिस में कार्रवाई कराई जाएगी। उधर बताया गया कि टीम के लोगों ने गलती से पूर्व विधायक विजय यादव के घर के बाहर घूम रहे एक कुत्ते को पकड़ लिया।
इस पर पूर्व विधायक के परिजन और समर्थक भड़क गए। उन्होंने टीम को घेर लिया। संभल की टीम के साथ मारपीट की। गाड़ी में भी तोड़ फोड़ की और उसमें पकड़े गए कुत्तों को भी खुलवा दिया। टीम ने कोतवाली में क्षतिग्रस्त गाड़ी को खड़ा कर दिया।
कोतवाली प्रभारी आरपी सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी मिली है। यदि इस संबंध में तहरीर मिली तो तोड़फोड़ और कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। उधर पूर्व विधायक विजय यादव ने बताया कि उनके कुत्ते को टीम ने जानबूझकर पकड़ा।
उनके एक समर्थक फरीदनगर रोड निवासी सूरज चौहान के पालतू कुत्ते को भी पकड़ लिया गया। वह उस समय घर नहीं थे। उनका कहना है कि मोहल्ले के लोगों ने पालतू कुत्ते पकड़ने का विरोध किया।