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मिलक में नर्सिंग होम पर प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत पर हंगामा

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मिलक (रामपुर)। नर्सिंग होम पर प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। तीमरादारों ने हंगामा किया। पुलिस ने नर्सिंग होम संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है और शव को कब्जे में लेकर पीएम को भेजा है।
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कोतवाली क्षेत्र के भोजीपुरा गांव निवासी प्रदीप ने अपनी पत्नी रजनी को प्रसव पीड़ा हुई। तब परिजन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रजपुरा पर आशा के साथ प्रसूता को शुक्रवार को लेकर आए थे जहां पर प्रसूता को डाक्टर ने रामपुर रेफर कर दिया। रेफर प्रसूता को आशा गंगा देई के कहने पर परिजन नवदिया स्थित प्रकाश नर्सिंग होम पर ले आए। जहां पर रजनी को बकौल परिजन 35 हजार रुपये में आपेशन करना तय हुआ। प्रसूता को भर्ती के लिए 18 हजार की रकम जमा कराई। पति प्रदीप कुमार का आरोप है कि डाक्टर ने आपरेशन रूम में किसी को नहीं जाने दिया। इस बीच ज्यादा देर होने पर पता किया तब डाक्टर ने प्रसूता की हालत बिगड़ना बताई। इस पर रजनी को देखा तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। प्रसूता की मौत पर परिवार वाले पहुंच गए और डाक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। जच्चा और बच्चा की मौत पर परिवार में कोहराम मच गया। हंगामा और जच्चा-बच्चा की मौत पर प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार फोर्स समेत पहुंच गए। प्रसूता के शव को नर्सिंग होम से पुलिस ने कब्जे में लिया है। महिला के पति प्रदीप कुमार की तहरीर पर पुलिस ने नर्सिंग होम के स्वामी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जिसमें आरोप है कि नर्सिंग होम फर्जी तरीके से चल रहा है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पीएम को भेजा है। आरोप है कि वहीं दूसरी ओर जच्चा-बच्चा का मौत पर एसीएमओ डा. राजेश कुमार पहुंच गए। उन्होंने जांच की। उनका कहना है कि यहां पर नर्सिंग होम का पंजीकरण डा. नजरूल इस्लाम के नाम से है। संबधित डाक्टर समेत कोई नहीं रहता है तथा वह सर्जन नहीं हैं जबकि यहां पर प्रसूता और रसोली के आपरेशन धड़ल्ले से हो रहे हैं। छह मरीजों को जिला अस्पताल शिफ्ट किया गया है ।
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