विशेष लोक अभियोजक मोहन लाल विश्नोई ने बताया कि सोमवार को बचाव पक्ष की ओर से शेष साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। आजम खां और अब्दुल्ला आजम न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए जिनकी ओर से स्थगन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया।
मुरादाबाद के छजलैट प्रकरण के मुकदमे में बचाव पक्ष की ओर से साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए समय मांगा गया जिसे स्वीकार करते हुए अदालत ने आगामी चार जनवरी को गवाह पेश करने का अवसर दिया है।
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थाना छजलैट में 29 जनवरी 2008 सपा नेता आजम खां की कार को चेकिंग के लिए रोका था। जिसके बाद विवाद बढ़ गया था और आसपास के जनपदों से सपा के नेता मौके पर पहुंचे थे, जिन पर आरोप लगा था कि उन्होंने आम जनता को उकसा कर सड़क जाम करते हुए बवाल किया और सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की। इस मुकदमे की सुनवाई जिले की एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट स्मिता गोस्वामी की अदालत में की जा रही है।
विशेष लोक अभियोजक मोहन लाल विश्नोई ने बताया कि सोमवार को बचाव पक्ष की ओर से शेष साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। आजम खां और अब्दुल्ला आजम न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए जिनकी ओर से स्थगन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। अनुपस्थित आजम खां और अब्दुल्ला आजम के स्थगन प्रार्थना पत्र स्वीकर किया गया। आरोपियों में नईम उल हसन, मनोज पारस, डीपी यादव, राजेश यादव अदालत में हाजिर हुए। अदालत ने शेष गवाह प्रस्तुत करने के लिए विपक्ष को अवसर प्रदान करते हुए आगामी चार जनवरी लगा दी है।