मुरादाबाद। दीपावली और भैया-दूज के बाद महापर्व छठ बुधवार से शुरू हो रहा है। श्रद्धालु नहाय-खाय के साथ व्रत की शुरुआत करेंगे। छठ में सूर्य भगवान की पूजा की जाती है और भोग लगाया जाता है। इसके बाद निर्जला उपवास से व्रत की शुरुआत करेंगे। मुरादाबाद में छह स्थानों पर छठ पूजा मनाई जाती है। मंगलवार को घाटों की साफ-सफाई का कार्य किया गया।
कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की षष्ठी इस बार 20 नवंबर को है। शहर में बुद्धि विहार, गांगन, रामगंगा नदी, लाइनपार, कटघर और कपूर कंपनी पर छठ पूजा की जाती है। पूर्वांचल लोक सेवा संस्था के अध्यक्ष परमजीत सिंह ने बताया कि बुधवार को चावल, चने की दाल और लौकी की सब्जी बनाने के साथ नहाय-खाय मनाया जाएगा। इसमें व्रती महिलाएं सुबह स्नान करने के बाद भोजन पकाएंगी। भगवान का ध्यान कर उन्हें भोग लगाएंगी। इस प्रसाद को श्रद्धालुओं को वितरित किया जाएगा। गुरुवार को खरना किया जाएगा। इसमें गुड़ की बनी खीर और रोटी का प्रसाद बंटेगा। 18 नवंबर से शुरू होने वाले चार दिवसीय छठ व्रत में व्रती पूरे 36 घंटे निर्जला रहती हैं। मान्यता है कि छठ व्रत करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। आरोग्य, पुत्र प्राप्ति, अखंड सौभाग्य और सुख-समृद्धि के लिए लोग इस व्रत को करते हैं।
रवि योग में शुरू होगा महापर्व
ज्योतिषाचार्य पंडित सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि कार्तिक शुक्ल चतुर्थी को रवियोग में नहाय खाय के साथ छठ महापर्व शुरू हो रहा है। छठ महापर्व पर ग्रह-गोचरों का शुभ संयोग बन रहा है। 19 नवंबर को खरना का प्रसाद बनेगा। 19 नवंबर शाम पांच बजकर 22 मिनट पर सूर्यास्त होगा। इसके बाद व्रती महिलाएं खरना का प्रसाद ग्रहण कर 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू करेंगी। शुक्रवार 20 नवंबर को संध्याकालीन अर्घ्य सूर्य भगवान को दिया जाएगा। 20 नवंबर को पांच बजकर 21 मिनट पर सूर्यास्त होगा। पहला अर्घ्य देकर सूर्य भगवान से आशीर्वाद प्राप्त किया जाएगा। वहीं 21 नवंबर को उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जाएगा। 21 नवंबर को सुबह छह बजकर 39 मिनट पर सूर्योदय होगा। संध्याकालीन अर्घ्य सर्वार्थ सिद्ध योग में पड़ेगा और शनिवार को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य द्विपुष्कर योग में दिया जाएगा।
छठ पूजा के लिए बाजार में रौनक
छठ पूजन सामग्री खरीदने के लिए मंगलवार को बाजार में रौनक रही। श्रद्धालुओं ने सूप, दौरा, फल, नारियल, शकरकंद, सिंघाड़ा, गन्ना आदि की खरीदारी की।