मुरादाबाद। चरस तस्कर को अदालत ने 14 साल सात माह के कठोर कारावास व चार लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। आरोपी नेपाल से चरस लाकर मुरादाबाद स्थित गोदाम में रखता था। सेंट्रल एक्साइज के निरीक्षक ने अभियुक्त को रंगेहाथ गिरफ्तार किया था।
कस्टम एंड सेंट्रल एक्साइज डिवीजन मुरादाबाद के निरीक्षक विशाल गुप्ता ने बीस साल पहले अशोक रमडिकलाल भट्ट, निवासी नवजीवन सोसायटी मुंबई के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप है कि आरोपी अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर मुरादाबाद जिले में चरस का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से व्यापार कर रहा है। अभियुक्त अन्य साथियों के साथ मिलकर नेपाल से चरस लेकर उसे यहां अपने गोदामों में रख रहा है। इन गोदामों में 2095 किलो पांच सौ ग्राम चरस बरामद की गई थी। उक्त मामले में अन्य आरोपियों की पत्रावली अलग कर दी गई थी। इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (षष्टम) रणजीत कुमार की अदालत में हुई। बचाव पक्ष की दलील थी कि उसे झूठा फंसाया गया है। उसका कोई सरोकार बरामद चरस से नहीं है। सरकार की ओर से पैरवी करते हुए सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता दिनेश कुमार कश्यप ने अदालत को बताया कि पकड़े गए अन्य आरोपियों ने अपने बयानों में सभी तथ्यों को प्रकट किया है। आरोपी के खिलाफ मौके के स्वतंत्र गवाहों ने अदालत में आकर गवाही दी है। अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए उसे 14 साल सात माह के कठोर कारावास की सजा सुनाई।