नए कृषि कानूनों के विरोध में भाकियू छह फरवरी को जिले में छह स्थानों पर नेशनल हाईवे पर चक्का जाम करेगी। जाम दोपहर 12 से तीन बजे तक होगा। इसकी कमान स्थानीय भाकियू पदाधिकारियों के हाथ में रहेगी। आवश्यक सेवाओं को जाम से मुक्त रखा जाएगा।
नए कृषि कानूनों के विरोध में किसान संगठनों ने छह फरवरी को तीन घंटे के चक्का जाम का एलान किया है। जिले में भाकियू इसका बीड़ा उठाएगी। भाकियू महानगर अध्यक्ष चौधरी रणधीर सिंह ने बताया कि जिले में अलग-अलग स्थानों पर छह जगह नेशनल हाईवे जाम किया जाएगा। इस चक्का जाम में भाकियू का दूसरा गुट भी शामिल होगा। मूंढापांडे, ठाकुरद्वारा, डिलारी, छजलैट बिलारी, मोढ़ा तैया में दोपहर 12 से 3 बजे तक चक्का जाम होगा।
इस दौरान आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले वाहनों और एंबुलेंस को नहीं रोका जाएगा। जिले के प्रदेश महासचिव नौ सिंह, जिलाध्यक्ष मनोज तोमर सहित कई पदाधिकारी दिल्ली में धरना स्थल पर डटे हुए हैं। जिले में मौजूद स्थानीय भाकियू पदाधिकारी अपनी-अपनी तहसील और ब्लॉक क्षेत्र में चक्का जाम की कमान संभालेंगे। उधर भाकियू जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी ने बताया कि वह दिल्ली में हैं और जिले में चक्का जाम स्थानीय पदाधिकारी देखेंगे।
शांतिपूर्ण ढंग से चक्का जाम की अपील
भाकियू के प्रदेश सचिव डॉक्टर चरण सिंह ने कहा कि नए कृषि कानून के विरोध में किसान एकजुट हो रहे हैं। इसलिए लग रहा है कि किसान खुद इसके विरोध में अलग-अलग स्थानों पर समर्थन में आएंगे, लेकिन उनका ये चक्का जाम पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से होगा। भाकियू कार्यकर्ता और किसानों से पूरी तरह शांति की अपील की गई है।
इन्हें नहीं रोकेंगे
- दूध औन अन्य आवश्यक सेवाओं के वाहन, टैंकर
- स्कूल-कालेज के छात्रों की बस, वाहन
- बीमार लोगो को ले जा रहे वाहन
- सरकारी या प्राइवेट अस्पताल की एंबुलेंस
इन स्थानों पर चक्का जाम करने का दावा
ठाकुरद्वारा में तिकौनिया, डिलारी में करणपुर अड्डा चौराहा, बिलारी में तहसील के सामने , छजलैट में किसान भवन के सामने, मूंढापांडे में मनकरा रोड, मोढ़ा तैया गांव में एनएच