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Moradabad News: सीईटीपी प्लांट और ओवरहेड टैंक चालू नहीं, सिक्योरिटी सुविधा का अभाव

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मुरादाबाद। एसईजेड में कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) और ओवरहेड टैंक चालू नहीं है। यहां पर लाइटें खराब और सिक्योरिटी की सुविधा का अभाव है। इसके कारण फैक्टरी संचालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जबकि फैक्टरी संचालकों द्वारा हर साल करीब 50 लाख रुपये मेंटेनेंस चार्ज दिया जाता है। एसईजेड के पॉकेट ए का पार्क व फव्वारा भी खराब हो चुका है।
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पाकबड़ा-डींगरपुर रोड स्थित औद्योगिक क्षेत्र का विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) 251 एकड़ में फैला हुआ है। इसे पॉकेट ए और पॉकेट बी में बांटा गया है। इसमें 470 प्लॉट हैं। इसमें 115 प्लॉट पर 65 यूनिटें लगाई गई हैं। पॉकेट ए में सबसे ज्यादा 60 यूनिट हैं। पॉकेट बी में पांच यूनिट लगाई गई हैं। पॉकेट ए स्थित सीईटीपी प्लांट और ओवरहेड टैंक बंद पड़ा है। सड़कों के किनारे बड़ी-बड़ी घास उग आई हैं। साफ-सफाई का ध्यान नहीं दिया जाता है। यहां पर सिक्योरिटी का भी अभाव है। पॉकेट ए व बी में आने जाने वालों की तलाशी न के बराबर होती है।
फैक्टरी संचालकों का कहना है कि यूपीएसआईडीए को हर साल लाखों रुपये का मेंटेनेंस चार्ज दिया जाता है लेकिन मरम्मत के नाम पर कुछ भी नहीं किया गया है। निर्यातकों ने बताया कि 1000 वर्ग मीटर में लगी फैक्टरी का कम से कम 35 हजार रुपये प्रति वर्ष मेंटेनेंस चार्ज देना पड़ता है। 35 हजार रुपये से लेकर 2.50 से तीन लाख रुपये तक लोग मेंटेनेंस चार्ज देते हैं।
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सीईटीपी प्लांट की मरम्मत में लगेंगे 10 करोड़
सीईटीपी प्लांट पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। इसके मोटर खराब हो चुके हैं। पाइप टूट गए हैं। लाइट के तार भी खराब हो चुके हैं। सीईटीपी प्लांट में गंदा पानी भरा हुआ है। प्लांट पर झाड़ियां उग आई हैं। यहां पर कभी साफ-सफाई नहीं होती। सीईटीपी प्लांट जब से लगाया गया है, तब से इसकी मरम्मत नहीं की गई है। यूपीएसआईडीए के अधिकारियों ने बताया कि इसे फिर से चालू करने के लिए करीब 10 करोड़ रुपये लग जाएंगे।
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ओवरहेड टैंक चालू नहीं, फैक्टरी संचालक जमीन से निकालते हैं पानी
मुरादाबाद। फैक्टरियों में पानी के लिए पॉकेट ए में ओवरहेड टैंक लगाया गया है लेकिन अभी तक इसे चालू नहीं गया। फैक्टरियों में पानी की जरूरतों को पूरा करने के लिए जमीन से पानी निकालना पड़ रहा है। मुरादाबाद एसईजेड एक्सपोर्ट एसोसिएशन के वाइस प्रेसिडेंट विकास अग्रवाल ने बताया कि इस समय एसईजेड में सबसे ज्यादा ओवरहेड टैंक चालू करने की जरूरत है। इसे चालू करने के लिए कई बार मांग की गई लेकिन अभी तक चालू नहीं किया गया। सभी फैक्टरियों को पानी जमीन से निकालना पड़ता है। फैक्टरी लगाने से पहले लोगों को जमीन से पानी निकालने की अनुमति लेनी पड़ती है। इसके लिए काफी परेशानी होती है। अगर पानी की टंकी चालू हो गई तो फैक्टरी संचालकों की आधी समस्या खत्म हो जाएगी। निर्यातक सुविधाओं को देखते हुए एसईजेड में निवेश करेंगे और फैक्टरियां लगाएंगे। ब्यूरो
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निर्यातकों ने कहा
-यूपीएसआईडीए को हर एक फैक्टरी संचालक द्वारा कम से कम 35 हजार रुपये प्रतिवर्ष मेंटेनेंस चार्ज दिया जाता है। लेकिन सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नहीं है। एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट पूरी तरह से बंद पड़ा हुआ है। ओवरहेड टैंक चालू नहीं है। कंपनी संचालकों को काफी परेशानी होती है। सुविधाओं के अभाव में यहां निर्यातक निवेश नहीं करना चाहते हैं।
-सैयद अथर अली, फैक्टरी संचालक
-सुविधाएं नहीं होने के कारण अधिकतर निर्यातक एसईजेड में प्लॉट लेने के कतरा रहे हैं। निर्यातक दिल्ली रोड समेत अन्य जगहों पर फैक्टरियां लगा रहे हैं। एसईजेड में सुविधाएं मिलें तो निर्यातक फैक्टरियां लगाएंगे।
-विशाल अग्रवाल, निर्यातक
-एसईजेड में यूपीएसआईडीए द्वारा सुविधाएं देने का दावा किया जाता है। निर्यातक एसईजेड में प्लाॅट खरीदने जाते हैं लेकिन उन्हें सुविधाएं बदहाल मिलती हैं। अच्छी सुविधाएं मिलने के बाद ही निर्यातक एसईजेड में प्लाॅट खरीदेंगे।
-नोमान मंसूरी, प्रेसिडेंट, हैंडीक्रॉफ्ट डेवलेपमेंट सोसायटी

-कम फैक्टरियां होने की वजह से पानी डिस्चार्ज नहीं हो पाता है। सीईटीपी प्लांट कई साल से बंद होने की वजह से खराब हो चुका है। यदि एसोसिएशन के पदाधिकारी सीईटीपी प्लांट हैंडओवर लें तो मरम्मत करा दी जाएगी। साफ-सफाई व पार्क की मरम्मत के लिए टेंडर दिया जा चुका है।
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-ललित कुमार वर्मा, यूपीएसआईडीए अधिकारी, मुरादाबाद एसईजेड
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