मंडलायुक्त ने कहा कि जमीन की गलत पैमाइश होने पर लेखपालों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज होगा। अवैध प्लाटिंग होने पर लेखपाल को रिपोर्ट देनी होगी। लेखपाल के साथ प्राइवेट व्यक्ति के पैमाइश करने पर कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में जिले के अधिकारी भी जांच करेंगे।
मंडलीय कर-करेत्तर की बैठक के दौरान मंडलायुक्त ने एसडीएम को भी नहीं बख्शा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि पैमाइश को एसडीएम निरस्त करते हैं तो लेखपालों पर कार्रवाई भी करें। रामपुर में एक ऐसा प्रकरण था कि 12 सालों से बाग की जमीन पर धान-गेहूं की फसलें दर्ज हो रही थीं। इसी प्रकार नामांतरण के वादों में कई सालों से वाद चल रहे हैं। अब नामांतरण के वादों में प्रत्येक दशा में गुणवत्ता के आधार 45 दिन के भीतर निस्तारण करना होगा। एक वर्ष से ज्यादा के लंबित राजस्व वादों के त्वरित निस्तारण के लिए डीएम को कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। सभी जिलाधिकारियों को पैमाइश, नामान्तरण, कुर्रा बंटवारा सहित अन्य बिंदुओं की समीक्षा कर स्थिति सुधारने के निर्देश दिए गए हैं। आबकारी विभाग की समीक्षा में मुरादाबाद, संभल और बिजनौर की स्थिति खराब पाई गई। गन्ना पर्ची वितरण में रामपुर की स्थिति ठीक नहीं थी। पीएम आवास योजना शहरी मुरादाबाद जनपद की, मंडी आवक में बिजनौर जनपद , जीएसटी राजस्व लक्ष्य की तुलना में बिजनौर और अमरोहा जनपद की स्थिति खराब मिली। रामपुर जिले में पेड़ काटे गए तो डीएम ने कार्रवाई की लेकिन डीएफओ को पता नहीं था। इस मामले में मंडलायुक्त ने डीएफओ को तलब किया है। राज्य कर विभाग ने जीएसटी के पुराने मामलों में नोटिस जारी हुई है। इससे घबराने की जरूरत नहीं है। नोटिस का उचित जवाब देना होगा।
लावारिस पशुओं की हेल्पलाइन पर करें शिकायत
मंडलायुक्त ने बताया कि मंडल के सभी जिलों में पशुओं का सर्वे हो चुका है। सभी जिलों के डीएम से हेल्पलाइन जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। अब पशुओं को छुट्टा छोड़ने पर जांच और कार्रवाई हो जाएगी।
सौ रुपये के स्टॉप पर नहीं होगा नामांतरण
नगर पालिका में पहले सौ रुपये के स्टॉप पर नामांतरण होता था, लेकिन अब रजिस्ट्री कराना होगा। पुरानी प्रथा मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में डीएम मानवेंद्र सिंह, रामपुर, बिजनौर, संभल, डीएम अमरोहा, सभी सीडीओ, अपर आयुक्त प्रशासन प्रथम ब्रजेश कुमार, उपायुक्त गजेन्द्र प्रताप सिंह सहित मंडल के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।