पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम के उम्र निर्धारण मामले में न्यायिक अधिकारी के अवकाश पर होने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। अब इस मामले में 16 दिसंबर को सुनवाई होगी।
करीब 15 साल पुराने छजलैट प्रकरण में अदालत ने आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई थी। सजा के खिलाफ अब्दुल्ला आजम सुप्रीम कोर्ट चले गए थे। जिसमें उनकी ओर से दावा गया है कि जिस वक्त केस दर्ज किया गया था, तब वह नाबालिग थे। सुप्रीम कोर्ट ने मुरादाबाद जनपद न्यायाधीश को मामले में सुनवाई करने के आदेश दिए थे।
जिसमें जनपद न्यायाधीश को अब्दुल्ला आजम की उम्र का निर्धारण करना है कि छजलैट प्रकरण में घटना के वक्त उनकी उम्र कितनी थी। इस मामले में जनपद न्यायाधीश डॉ. अजय कुमार द्वारा दोनों पक्षों को नोटिस जारी कर दिए गए थे। अब्दुल्ला आजम के वकीलों द्वारा अबदुल्ला आजम की उम्र से संबंधित कागजात अदालत में पेश किए जा चुके हैं। जिन पर अभियोजन पक्ष को जवाब देना शेष है। जिला शासकीय अधिवक्ता नितिन गुप्ता एवं सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव अग्रवाल ने बताया कि बृहस्पतिवार को न्यायिक अधिकारी अवकाश पर होने के कारण मुकदमे की सुनवाई नहीं हो सकी। अब इस मामले में 16 दिसंबर को सुनवाई की जाएगी।