एनआरएचएम घोटाले में मुरादाबाद के पूर्व सीएमओ डा. एसके मलिक समेत चार आरोपियों पर मुकदमा चलेगा। सीबीआई कोर्ट ने इन चारों पर चार्ज फ्रेम कर दिए हैं। पूर्व सीएमओ पर एनआरएचएम के तहत खरीदी गई दवाओं में घोटाला करने के आरोप हैं। सीबीआई कोर्ट ने आरोप तय करके सुनवाई शुरू कर दी है।
बहुचर्चित एनआरएचएम घोटाले में मुरादाबाद के दवा व्यापारी विवेक जैन और सौरभ जैन का सामने मुरादाबाद से सबसे पहले सामने आया था। सीबीआई ने सौरभ जैन और विवेक जैन को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। करीब 18 महीने तक जेल में रहने के बाद सौरभ जैन को जमानत मिल गई थी।
इस मामले में अब मुरादाबाद के पूर्व सीएमओ डा. एसके मलिक के खिलाफ भी सीबीआई कोर्ट ने चार्ज फ्रेम कर दिए हैं। मामला वर्ष 2010-11 का है। एनआरएचएम के तहत खरीदी गई दवाओं 17 लाख रुपये की गड़बड़ी सीबीआई ने पकड़ी थी।
सीबीआई के लोक अभियोजक के अनुसार 2010-11 में दवाओं की खरीद-फरोख्त में मुरादाबाद के तत्कालीन सीएमओ डा. एसके मलिक, डॉक्टर प्रकाश चंद्र, डॉ. जैन शर्मा और दवा कारोबारी नीरज श्रीवास्तव ने मिलकर 17 लाख रुपये की गड़बड़ी की थी।
सीबीआई के विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी ने सीएमओ समेत चार लोगों पर चार्ज फ्रेम किए हैं। मामले में चारों पर मुकदमा चलाने का आदेश दिया गया है।