अमरोहा। एक युवक से तीन बहनों की शादी के वायरल मामले में अब बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) भी सक्रिय हो गई है। समिति ने हसनपुर कोतवाली पुलिस से तीन दिन के भीतर जांच रिपोर्ट तलब करते हुए सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर एक युवती के नाबालिग होने की आशंका जताई है। समिति का कहना है कि यदि ऐसा पाया गया तो यह किशोर न्याय अधिनियम के तहत गंभीर मामला होगा।
एसपी लखन सिंह यादव के निर्देश पर हसनपुर पुलिस पहले से ही तीनों युवतियों की उम्र, विवाह की परिस्थितियों और अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। तीनों युवतियां अपने पति के साथ कोतवाली और बाद में सीओ कार्यालय पहुंचीं, जहां उन्होंने खुद को बालिग बताते हुए अपनी इच्छा से विवाह करने की बात कही। पुलिस ने उनके मोबाइल नंबर और अन्य विवरण दर्ज कर उम्र संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन शुरू कर दिया है।
उधर, युवतियों के परिजनों ने इस विवाह को स्वीकार करने से इन्कार कर दिया। उनका कहना है कि यदि मामला केवल वीडियो या रील बनाने का है तो बेटियों के लिए घर के दरवाजे खुले हैं, लेकिन यदि विवाह वास्तविक है तो परिवार का उनसे कोई संबंध नहीं रहेगा। फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है।
सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष अतुलेश कुमार भारद्वाज ने बताया कि पुलिस से तीन दिन में जांच रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद समिति नियमानुसार आगे की कार्रवाई करेगी।
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ये है मामला
हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गंगा तटबंध किनारे स्थित एक गांव की दो सगी बहनें और उनकी मौसेरी बहन पिछले करीब तीन वर्षों से एके-1990 नाम से यूट्यूब चैनल संचालित कर रही हैं। क्षेत्र का ही एक युवक उनके वीडियो का कैमरामैन है। बुधवार को चारों का चामुंडा देवी मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से शादी करने का वीडियो वायरल हुआ। विरोध बढ़ने पर चारों ने वीडियो जारी कर दावा किया कि वे सभी बालिग हैं और अपनी इच्छा से साथ रहने के लिए विवाह किया है।