ठाकुरद्वारा थाना प्रभारी योगेंद्र कुमार सिंह ने दर्ज कराए केस में बताया कि 12 अक्तूबर की शाम पांच बजे उन्हें सूचना मिली थी कि खनन मामले में फरार चल रहा डिलारी के काकरखेड़ा गांव निवासी 50 हजार का इनामी जफर कमालपुरी चौराहे के पास चौपहिया वाहन से आ रहा है। इसके बाद ठाकुरद्वारा थाने की पुलिस और एसओजी टीम अलर्ट हो गई। ठाकुरद्वारा में कमालपुरी तिराहे के पास घेराबंदी की गई।
इस दौरान शाम करीब पौने छह बजे जफर सफेद रंग की क्रेटा कार से सूरजननगर की ओर से आया। पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो उसने फायरिंग शुरू कर दी। एक गोली कांस्टेबल दीपक सिंह के बाजू में लगी। इसके बाद आरोपी फायरिंग करते हुए भागने लगा। पुलिस भी पीछा करते हुए उत्तराखंड के भरतपुर गांव पहुंच गई। यहां आरोपी एक मकान में घुस गया। पुलिस टीम मकान में पहुंची तो आरोपी जफर और वहां पहले से मौजूद 30 से 35 अज्ञात लोगों ने दरवाजा बंद कर लिया।
इसके बाद सभी ने पुलिस कर्मियों को लाठी-डंडों से पीटना शुरू कर दिया। एसओजी की गाड़ी में तोड़फोड़ कर दी और आग लगाने की कोशिश की। पुलिस कर्मियों ने अपनी जान बचाने के लिए भागने का प्रयास किया। इसी दौरान आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। एक गोली सिपाही शिव कुमार के पैर में लगी, जबकि अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। दहशत में आस पड़ोस के लोगों ने अपने घरों की खिड़की दरवाजे बंद कर लिए। घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस आई और लोगों को बमुश्किल बचाया। लोगों से पूछने पर पता चला कि मकान भुल्लर का है।
इन धाराओं में दर्ज की गई रिपोर्ट
एसएसपी हेमंत कुटियाल के मुताबिक इंस्पेक्टर की तहरीर के आधार पर एक नामजद और 35 अज्ञात के खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 186, 212, 224, 225, 307, 395, 397, 332, 333, 339, 340, 342, 353, 120, बी और आयुध अधिनियम 1959 की धारा 25 (1-बी) (ए) में केस दर्ज किया गया है।