त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। राज्य निर्वाचन आयोग की गाइड लाइन के आधार में चुनाव मैदान में उतरने को तैयारी संभावित प्रत्याशियों ने तैयारी भी शुरू कर दी है। हालांकि अभी आरक्षण फाइनल होने में समय लग रहा है। आरक्षण की घोषणा होते ही पंचायतों में भी चुनावी गतिविधियां तेज हो जाएंगी।
राज्य निर्वाचन आयोग की गाइड लाइन के अनुसार, चुनाव लड़ने के लिए चार सैट में नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। प्रत्याशी को यह ध्यान रखना जरूरी होगा कि उनका प्रस्तावक उसी निर्वाचन क्षेत्र का मतदाता होना आवश्यक है, जहां से उन्हें चुनाव लड़ना है। इसके अलावा जिस दिन नामांकन कराएंगे, उसी दिन से चुनाव पर किए जाने वाले खर्च का हिसाब रखना होगा।
चुनाव परिणाम आने के तीस दिन के भीतर स्व प्रमाणित बिल रसीद के साथ पूरा ब्योरा निर्वाचन अधिकारी के पास जमा करना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के उम्मीदवारों के दूसरे निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने पर मतदाता सूची की प्रमाणित प्रति नामांकन पत्र के साथ ही जमा करनी होगी। नामांकन पत्र की जांच के दौरान उम्मीदवार को स्वयं उपस्थित रहना है। अपरिहार्य स्थिति में ही प्रस्तावक को उपस्थित होने के लिए कह सकते हैं।
प्रलोभन या गलत बयान नहीं दे सकेंगे उम्मीदवार
निर्वाचन आयोग मतदाताओं को प्रलोभन देने अथवा विपक्षी के खिलाफ गलत बयान देने पर बेहद सख्त है। स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि मतदाताओं को किसी प्रकार का प्रलोभन जैसे धर्म, जाति, समुदाय या भाषा के आधार पर मतदान के लिए नहीं देंगे। चुनाव के दौरान धार्मिक प्रतीक, राष्ट्रीय प्रतीकों का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। इसके अलावा किसी उम्मीदवार के व्यक्तिगत चरित्र और आचरण के संबंध में गलत बयान जारी नहीं करेंगे। मतदान के लिए तय समय से 48 घंटे पहले तक मतदान क्षेत्र में कोई भी उम्मीदवार सार्वजनिक बैठक व चुनाव प्रचार नहीं करेगा।
निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारी जारी है। हर उम्मीदवार को आयोग की गाइड लाइन का अनुपालन करना आवश्यक है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण की घोषणा जल्द होने वाली है।
- बाल किशन, एडीईओ, जिला निर्वाचन कार्यालय (पंचायत व नगर निकाय)