थाने ही नहीं इस फिल्म की शूटिंग कलक्टर के दफ्तर में भी मुमकिन है। बहुत मुमकिन है कि आने वाले दिनों में अफसर अपने आफिसों के बाहर बैठे हों और उनके सरकारी दफ्तरों के भीतर ‘फिल्मी हाकिम’ साहब बनकर हुक्म बजाते नजर आएं। ऐसा इसलिए मुमकिन है क्योंकि जिस फिल्म की शूटिंग को लेकर बवंडर मचा है उसमें पर्दे के पीछे प्रदेश सरकार के एक कैबिनेट मंत्री का बेटा है।
फिल्म के निर्माण में कैबिनेट मंत्री का बेटा साझीदार है। मंत्री के दबाव में पुलिस अफसर बेबस हैं। रही सही कसर कुछेक पुलिस अफसरों की फिल्म निर्माताओं से दोस्ती और एक्ट्रेस के साथ फोटो शूट की उनकी चाहत ने पूरी कर दी है। फीचर फिल्म ‘2016 - द एंड’ की शूटिंग के लिए जिस तरह थानों को तमाशा बना दिया गया उससे पहले दिन से ही जाहिर था कि पुलिस के ऊपर कोई बड़ा दबाव है।
लेकिन मामला मंडल के कद्दावर कैबिनेट मंत्री से जुड़ा था लिहाजा आला पुलिस अफसर खामोश रहे। महकमे की साख पर बट्टे की कीमत पर थानों में फिल्म की शूटिंग जारी रहने दी। सिविल लाइंस और पाकबड़ा थाने को गोवा के पुलिस स्टेशन बनाकर फिल्म की शूटिंग होती रही। लेकिन अधिकारी ये तर्क देते रहे कि इससे मुरादाबाद की ब्रांडिंग हो रही है। पिक्चर में थाने गोवा के दिखाए जाएंगे तो ब्रांडिंग मुरादाबाद की भला कैसे?
... तो क्या वांटेड कर रहा था थाने में शूटिंग
फीचर फिल्म ‘2016 - द एंड’ के मुख्य अभिनेता कीकू शारदा को हरियाणा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। कीकू पर ‘कॉमेडी नाइट्स विद कपिल’ में राम रहीम का मजाक उड़ाने का आरोप है। वह इस मामले में वांटेड थे। लेकिन वांटेड होने के बाद भी मुरादाबाद के पुलिस थानों में पुलिस सुरक्षा में फिल्म की शूटिंग करते रहे। कीकू को बुधवार को हरियाणा पुलिस ने गिरफ्तार किया लेकिन बाद में जमानत पर छोड़ दिया। छोड़े जाने के कुछ देर बाद कीकू को फिर से पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया गया।
अफसरों के झूठ से हैरत में पब्लिक
फिल्म निर्माताओं से दोस्ती निभाने के लिए कुछ अधिकारी झूठ बोलने में भी नहीं झिझके। अपने पद की गरिमा और सत्यनिष्ठा की फिक्र किए बगैर बेलाग झूठ बोला कि थानों में शूटिंग के लिए फिल्म निर्माता पर लिखित अनुमति है। लेकिन जब एडीएम सिटी का अनुमति लेटर सामने आया तो अफसर का झूठ बेनकाब हो गया। अधिकारी लेवल पर इस तरह के झूठ से पब्लिक भी हैरत में है।