मुरादाबाद। कांठ बवाल प्रकरण में सोमवार को कैबिनेट मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह और भाजपा विधायक रितेश गुप्ता अदालत में उपस्थित हुए। एमपी/एमएलए स्पेशल न्यायाधीश एडीजे- 2 की अदालत में वाद वापसी पर सुनवाई होनी थी, लेकिन अधिवक्ताओं की हड़ताल की वजह से बहस नहीं हो सकी। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 18 नवंबर की तारीख तय की है।
कांठ के अकबरपुर के चेंदरी गांव में धर्म स्थल से लाउडस्पीकर उतारने को लेकर बवाल हो गया था। चार जुलाई 2014 को हुए इस बवाल में तत्कालीन डीएम घायल हो गए थे। इस मामले में कैबिनेट मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह, शहर विधायक रितेश गुप्ता समेत 62 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने इस मामले की तफ्तीश पूरी करने के बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। जिसकी सुनवाई एमपी/एमएलए स्पेशल न्यायाधीश एडीजे-2 की अदालत में चल रही है। सोमवार को वाद वापसी पर सुनवाई होनी थी। कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी, विधायक रितेश गुप्ता और अन्य आरोपी भी कोर्ट में उपस्थित हुए। लेकिन सोमवार को फिर सुनवाई टल गई। सरकार की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता मुनीष भटनागर उपस्थित रहे। सोमवार को बार चुनाव में नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिस कारण अधिवक्ता हड़ताल पर हैं। अब इस प्रकरण में 18 नवंबर को सुनवाई होगी।