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संभल बवाल में 45 लोगों को समन जारी

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संभल। सीएए और एनआरसी विरोधी आंदोलन के दौरान हुई तोड़फोड़, आगजनी और पथराव की घटनाओं में अदालत ने 45 लोगों के खिलाफ समन जारी किए हैं। इन्हें अदालत में चार दिसंबर को हाजिर होने के निर्देश हैं।
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संभल में 19 व 20 दिसंबर को हिंसक घटनाएं हुईं थीं। चौधरी सराय पुलिस चौकी के निकट 19 दिसंबर को तोड़फोड़ की गई थी। रोडवेज की बस को आग के हवाले किया गया था। बीस दिसंबर के बवाली में माहौल में गोली लगने से दो लोगों की जान भी चली गई थी।
संभल कोतवाली के तत्कालीन इंस्पेक्टर रविंद्र प्रताप सिंह ने अज्ञात भीड़ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। घटना के अगले दिन ही 15 लोग गिरफ्तार किए गए लेकिन बाद में कोई नहीं पकड़ा जा सका। पुलिस ने फोटो देखकर आरोपी पहचाने और अब तक 52 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।
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मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने 45 लोगों के खिलाफ समन जारी किए हैं। सभी को चार दिसंबर को हाजिर होने के निर्देश हैं। पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने बताया कि जो आरोपी पकड़े गए हैं उनमें से कुछ पर पुलिस ने गैंगस्टर की कार्रवाई भी की है। आरोपियों को चिह्नित करने के साथ-साथ विवेचना आगे बढ़ रही है।
इंस्पेक्टर की पिस्टल छीनने के छह आरोपी हाथ नहीं आए
संभल। नगर में सीएए और एनआरसी के विरोध में दिसंबर 2019 को बवाल के दौरान पथराव, आगजनी और फायरिंग में घिरकर देहली दरवाजा निवासी शहरोज (22) और रायसत्तीखेड़ा निवासी बिलाल (23) की जान चली गई थी। हिंदूपुरा खेड़ा में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए ड्यूटी कर रहे पुलिस इंस्पेक्टर सतीश आर्य की पिस्टल छीन ली गई थी, जो बाद में बरामद हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में अब तक 11 लोगों को आरोपी के तौर पर चिह्नित किया है। पिस्टल छीनने के आरोप में 11 में से पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। छह आरोपी हाथ नहीं आए हैं।
किसकी गोली से मारे गए शहरोज और बिलाल, अब तक नहीं हुआ खुलासा
संभल। पुलिस की विवेचना को ग्यारहवां महीना चल रहा है पर अभी तक यह बात साफ नहीं हो सकी है कि शहरोज और बिलाल की मौत किसकी गोली से हुई थी। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह बात स्पष्ट हो चुकी है कि दोनों की मौत गोली लगने से हुई थी। दोनों की मौत 20 दिसंबर 2019 को प्रदर्शन के दौरान फायरिंग और पथराव में हुई थी। घटना के बाद परिजनों ने मौखिक रूप से पुलिस पर आरोप लगाया था। परिजनों का कहना था कि पुलिस की गोली से मौत हुई है लेकिन दोनों के परिजनों की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या के अलग-अलग केस दर्ज कराए गए थे। पुलिस इसकी विवेचना कर रही है।
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