पत्नी शालिनी के साथ सीए श्वेताभ तिवारी(फाइल फोटो)
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मुरादाबाद में हुए सीए हत्याकांड में अब तक पुलिस को ऐसा कोई सबूत हाथ नहीं लगा है, जिसके आधार पर हत्याकांड की कड़ियां जोड़कर खुलासा किया जाए। डीआईजी ने केस की समीक्षा करने के बाद मंडलीय टीम का गठन किया है। जिसमें मुरादाबाद में पूर्व में तैनात रहे इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टरों को शामिल किया है। इस टीम ने केस पर काम करना भी शुरू कर दिया है।
सीए श्वेेताभ तिवारी के दफ्तर में पुलिस ने दो दिन तक पड़ताल की। इसके अलावा पार्टनर, क्लाइंट और करीबियों को भी अलग-अलग रखकर पूछताछ की ताकि कोई सुराग हाथ लग लाए लेकिन पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और कॉल डिटेल से भी कोई मदद नहीं मिल पाई है।
मंगलवार को डीआईजी शलभ माथुर और एसएसपी हेमराज मीना ने सभी टीमों के साथ मीटिंग की और केस पर लंबी चर्चा की। इसके बाद अफसरों ने केस के लिए एक और टीम का गठन किया है। इस टीम में पूर्व में मुरादाबाद में तैनात रहे इंस्पेक्टर और दरोगा शामिल किए हैं।
सीए श्वेताभ तिवारी हत्याकांड की जांच के लिए मंडलीय टीम गठित की गई है। मेरे के साथ ही एसएसपी की निगरानी में इस टीम ने जांच शुरू कर दी है। टीम की प्रगति रिपोर्ट की मॉनीटरिंग की जाएगी। हत्याकांड से जुड़े हर पहलू की गहनता से जांच की जा रही है।-शलभ माथुर, डीआईजी