सीए श्वेताभ तिवारी (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
मुरादाबाद के सीए श्वेेताभ तिवारी हत्याकांड में जुटी पुलिस की एक टीम उत्तराखंड के भवाली पहुंची। वहां दो दिन जांच पड़ताल के बाद पुलिस खाली हाथ ही वापस लौट आई। अन्य टीमों के हाथ भी कुछ नहीं लगा है।
सिविल लाइंस के साईं गार्डन निवासी श्वेताभ तिवारी का दिल्ली रोड स्थित बंसल कॉम्पलेक्स में श्वेताभ एंड एसोसिएट्स चार्टर्ड अकाउंटेंट नाम से दफ्तर है। उनके एक पार्टनर संजीव बंसल की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। अब श्वेताभ के अलावा उनके पड़ोसी अखिल अग्रवाल और आलोक रस्तोगी पार्टनर हैं।
15 फरवरी की रात करीब नौ बजे श्वेताभ तिवारी अपने दफ्तर के बाहर फोन पर बात कर रहे थे जबकि उनके पार्टनर और पड़ोसी अखिल अग्रवाल करीब चालीस मीटर दूर पार्किंग स्थल में खड़ी कार में बैठे फोन पर अपने बेटे से बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार शूटर आए और गोलियां बरसाकर श्वेताभ तिवारी को मौत के घाट उतार दिया था। इसके बाद से पुलिस की दस टीमें अलग-अलग एंगल पर काम कर रही है। दो दिन पहले एक टीम उत्तराखंड के भवाली गई थी। यहां श्वेताभ तिवारी रिसोर्ट बनवा रहे हैं।
टीम ने यहां बिल्डर, ठेकेदार और काम करने वाले लोगों से पूछताछ की और ये जानने का प्रयास किया कि किसी ने उनका कोई विवाद तो नहीं चल रहा था। पुलिस को कोई सफलता नहीं मिल आई और खाली हाथ ही वापस लौट आई है। इसके अलावा अलग-अलग एंगल पर काम कर रहीं किसी भी टीम को अब तक कुछ ठोस सबूत हाथ नहीं लगा है। एसपी सिटी अखिलेश भदौरिया ने बताया कि टीमें काम कर रही हैं। अब तक सफलता नहीं मिल पाई है।